मऊ जिले में ‘मिशन शक्ति 05’ के द्वितीय चरण और ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी के आदेश और जिला प्रोबेशन अधिकारी के निर्देश पर महिला कल्याण विभाग की ‘हब फॉर इंपॉवरमेंट ऑफ वूमेन’ टीम ने कंपोजिट विद्यालय डुमरांव में यह कार्यक्रम किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाना था। टीम ने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है। ऐसे विवाह में शामिल होने वाले माता-पिता सहित सभी संबंधित व्यक्तियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पहल का लक्ष्य बाल विवाह मुक्त भारत बनाना और सामाजिक बदलाव को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को ‘गुड टच-बैड टच’ के बारे में भी जागरूक किया गया। उन्हें सिखाया गया कि यदि कोई उन्हें गलत तरीके से छूता है तो तुरंत विरोध करें, चुप न रहें। साथ ही, महिला कल्याण विभाग और शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की सामान्य जानकारी भी दी गई। महिलाओं के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही निराश्रित महिला पेंशन योजना, वृद्धा पेंशन योजना, दिव्यांग पेंशन योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, मुख्यमंत्री राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके अतिरिक्त, वन स्टॉप सेंटर और विभिन्न टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जैसे 181, 112, 1098, 1090, 108, 1076 की भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर जिला मिशन समन्वयक अर्चना राय, जेंडर स्पेशलिस्ट राखी राय और तृप्ति राय, विद्यालय की प्रधानाचार्या राजमती, समस्त स्टाफ, छात्र-छात्राएं और ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।

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