मऊ में विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जनपद की टीबी मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों के प्रधानों को सम्मानित किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जिलाधिकारी का बुके देकर स्वागत किया और जनपद में क्षय रोग की जांच व उपचार से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एच.आर. सोनी ने बताया कि जनपद की कुल 645 ग्राम पंचायतों में से 97 ग्राम पंचायतों को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। इनमें वर्ष 2024-25 में 16 और वर्ष 2025 में 81 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हुई हैं। इस उपलब्धि के लिए ग्राम प्रधानों को प्रशस्ति-पत्र और महात्मा गांधी की प्रतिमा देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान और टीबी मुक्त भारत ऐप का भी शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करना, संभावित मरीजों की पहचान कर उनकी जांच (जैसे एक्स-रे) कराना और संक्रमित पाए जाने पर तत्काल उपचार शुरू करना है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.के. यादव ने जानकारी दी कि टीबी मरीजों के लिए पूर्व निर्धारित माइक्रोप्लान के तहत गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाकर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्राम प्रधानों से “निक्षय मित्र” बनकर मरीजों को गोद लेने और उनके पोषण व देखभाल में सहयोग करने की अपील की। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि टीबी एक सामाजिक बीमारी है। इसके लक्षण, बचाव और सरकारी सुविधाओं की जानकारी प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना आवश्यक है। इससे छिपे हुए मरीजों की पहचान कर उन्हें समय पर इलाज देकर रोगमुक्त किया जा सकता है। जिला कार्यक्रम समन्वयक जयदेश यादव ने बताया कि जनपद में संभावित मरीजों की जांच के लिए एक्स-रे, माइक्रोस्कोपी, ट्रू-नॉट और सीबीनाट जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही, निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों को भी नि:शुल्क दवाएं और जांच की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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