उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक जीवित महिला को सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर उसकी जमीन हड़प ली गई। इस फर्जीवाड़े में महिला की जमीन पर फर्जी वरासत दर्ज कर उसे बेच दिया गया, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना मऊ जिले के सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम आदेडीह की निवासी नसीरन पत्नी स्वर्गीय रहीम के साथ हुई है। आरोप है कि वर्ष 2010 में परिवार रजिस्टर में नसीरन को मृत दिखाकर उनकी जगह मो० सिराजुल इस्लाम पुत्र स्व० अब्दुल रहीम का नाम फर्जी तरीके से वरासत में दर्ज करा दिया गया। कूटरचित दस्तावेजों के सहारे पीड़िता के अनुसार, इस फर्जीवाड़े के आधार पर आरोपी सिराजुल इस्लाम ने आराजी संख्या 667, रकबा 0.1790 हेक्टेयर की संबंधित भूमि को कूटरचित दस्तावेजों के सहारे मीता देवी, मनोहर यादव, रामविलास यादव और शीला यादव के नाम बेच दिया। नसीरन का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया अवैध और धोखाधड़ीपूर्ण है। पीड़िता का आरोप है नसीरन ने स्पष्ट किया है कि वह पूरी तरह जीवित हैं और उनके पास 12 सितंबर 2022 का निवास प्रमाण पत्र इसका प्रमाण है। उन्होंने हाल ही में इस मामले में संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। हालांकि, पीड़िता का आरोप है कि मामले की जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि ग्राम विकास अधिकारी और मनोहर यादव द्वारा उन्हें लगातार डराया-धमकाया जा रहा है और उच्च अधिकारियों से शिकायत न करने का दबाव बनाया जा रहा है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि जिस अधिकारी पर जांच की जिम्मेदारी है, वही आरोपी ग्राम विकास अधिकारी के साथ मिलकर जांच कर रहे हैं, जिससे जांच की निष्पक्षता पर संदेह पैदा हो गया है।

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