अंतर्राष्ट्रीय वानिकी दिवस के अवसर पर मऊ जिले की भुजौटी पौधशाला में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सामाजिक वानिकी वन प्रभाग, मऊ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को वनों और वृक्षों के महत्व के प्रति जागरूक करना था, ताकि वे वृक्षारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण में भी सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा कोपागंज के मंडल अध्यक्ष हिमांशु राय ने किया। उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में नौ पौधों का रोपण किया और उपस्थित जनसमूह को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया। राय ने वृक्षों के संरक्षण और संवर्धन पर जोर देते हुए “एक पेड़ मां के नाम” अभियान का महत्व बताया। उन्होंने सभी से अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उनकी उचित देखभाल करने की अपील की। मऊ के जिला परियोजना अधिकारी डॉ. हेमंत कुमार यादव ने अपने संबोधन में कहा कि हमें वृक्षों और पौधों की देखभाल अपने माता-पिता और बच्चों की तरह करनी चाहिए, तभी हम वनों और पर्यावरण की रक्षा कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2012 में 21 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस घोषित किया था। यह दिवस पहली बार 21 मार्च 2013 को मनाया गया था और इसका उद्देश्य प्रतिवर्ष वनों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। डॉ. यादव ने आगे कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण का हिस्सा नहीं, बल्कि हमारे जीवन का आधार हैं। ये हमें शुद्ध वायु, जल संरक्षण, जैव विविधता और जलवायु संतुलन प्रदान करते हैं, इसलिए इनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जिस प्रकार हम अपने माता-पिता और बच्चों की देखभाल करते हैं, उसी प्रकार पौधों और वृक्षों की भी नियमित रूप से देखभाल करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के कारण पर्यावरण संतुलन लगातार बिगड़ रहा है, जिसका सीधा प्रभाव मानव जीवन पर पड़ रहा है। डॉ. यादव ने कहा कि यदि समय रहते हम जागरूक नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

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