मऊ में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम कार्यदिवस पर मऊ के मुख्य कोषागार में बजट निस्तारण की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई। वरिष्ठ कोषाधिकारी संजय कुमार की देखरेख में कोषागार की टीम ने विकास कार्यों और जनहित की योजनाओं के लिए समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया। वरिष्ठ कोषाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि 31 मार्च को विभिन्न आहरण-वितरण अधिकारियों (DDOs) द्वारा प्रस्तुत कुल 354 बिलों का परीक्षण किया गया। इन बिलों का भुगतान ई-पेमेंट पोर्टल के माध्यम से सीधे संबंधित फर्मों, संस्थाओं और लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित कर दिया गया। जनपद में नगर पालिका और नगर पंचायतों ने सर्वाधिक 16 करोड़ 22 लाख 34 हजार रुपये का भुगतान सुनिश्चित कर पहला स्थान प्राप्त किया। यह धनराशि नगरीय विकास परियोजनाओं, स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार पर खर्च की गई। कुल मिलाकर, इस कार्यदिवस में 37.45 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का ऑनलाइन निस्तारण किया गया। इसमें अवस्थापना विकास, जन-कल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा और लंबित विभागीय देयकों को प्राथमिकता दी गई। कोषागार ने सभी वैध बिलों का निस्तारण कर ‘शून्य लंबित देय’ का लक्ष्य हासिल किया। पोर्टल पर दबाव के बावजूद, कोषागार कर्मियों ने देर रात तक कार्य जारी रखा ताकि कोई भी स्वीकृत बजट लैप्स न हो। वरिष्ठ कोषाधिकारी संजय कुमार ने कहा, शासन के निर्देशानुसार जनपद के विकास हेतु आवंटित बजट का पारदर्शी और समयबद्ध उपयोग हमारी प्राथमिकता है। आज की प्रगति अत्यंत संतोषजनक रही है। 1 अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। उन्होंने इस सफल संचालन के लिए कोषागार के समस्त लेखाकारों, कंप्यूटर सहायकों और सहयोगी बैंक अधिकारियों के अथक परिश्रम की सराहना की।

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