भास्कर न्यूज |डुमरा भीसा हाल्ट पर नियमित साफ-सफाई नहीं होती। इससे यहां परिसर में जंगली घास उगे हुए हैं। बताया जाता है कि सीतामढ़ी से मुजफ्फरपुर रेल लाइन निर्माण हुए 14 साल बीत गए। सीतामढ़ी मुजफ्फरपुर रेल लाइन वर्ष 2011 में बनकर तैयार हुआ था। 27 मार्च 2013 को सीतामढ़ी मुजफ्फरपुर रेल लाइन को हरी झंडी दी गई। 28 मार्च 2013 को आम जनता के लिए सीतामढ़ी से मुजफ्फरपुर की पहली गाड़ी चली। सीतामढ़ी रेल लाइन निर्माण के क्रम में सीतामढ़ी से मुजफ्फरपुर तक आठ रेलवे स्टेशन के अलावे सीतामढ़ी जंक्शन से 3 किलोमीटर की दूरी पर भीसा हॉट बनाया गया। जानकारी के अनुसार, भीसा हॉट का निर्माण इसलिए किया गया कि यही एक टर्निंग पॉइंट है, जहां से एक रेलवे लाइन दरभंगा की ओर चली जाती है। वहीं दूसरी रेलवे लाइन मुजफ्फरपुर के लिए। यह भीसा हॉट काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि दरभंगा और मुजफ्फरपुर जाने के लिए यहीं से रेल लाइन का कट किया गया है। उस दौरान पूर्व मध्य रेल विभाग द्वारा इस हाल्ट को सभी रेलवे के संसाधनों से सुसज्जित किया गया। यात्रियों के बैठने के लिए लोहे का कुर्सी का निर्माण कराया गया। इस संबंध में आईओडब्लू एसके झा ने बताया कि डिपार्टमेंट में सफाई स्टाफ की कमी होने के कारण परेशानी हो रही है। मामला मेरे संज्ञान में आया है। जल्द ही इसकी पूरी सफाई कराई जाएगी। अगर आप भी बताना चाहते हैं जनहित के किसी मुद्दे या समस्या के बारे में तो उससे जुड़ी डिटेल और फोटो-वीडियो अपने नाम पते के साथ हमें 9471808605 पर व्हाट्सएप कीजिए। हॉल्ट के निर्माण से आम लोगों को फायदा नहीं स्थानीय निवासी सरोज सिंह, प्रमोद कुमार, बेचन महतो आदि ने बताया कि जिस उद्देश्य के साथ इस हॉल्ट का निर्माण कराया गया था, वह पूरा क्यों नहीं हो सका। इसका समुचित देखभाल नहीं होने के कारण वह आज स्तित्व विहीन होने के कगार पर है। न तो इसकी चिंता रेल विभाग को है और न ही इसके अधिकारी को। जिसके कारण पूरा हॉल्ट परिसर जंगली घास में तब्दील हो चुका है। आम लोगों के लिए चापाकल का व्यवस्था किया गया था, वह भी खराब हो चुका है। यात्रियों के बैठने के लिए बनाए गए लोहे की पाइप नुमा कुर्सी पर पूरा जंगली घास ने अपना घर बना लिया है।
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