सुपौल जिले के राघोपुर प्रखंड क्षेत्र में रेलवे ओवरब्रिज के समीप बनी सर्विस रोड के महज 10 दिनों के भीतर क्षतिग्रस्त होने की खबर दैनिक भास्कर में प्रकाशित होते ही प्रशासन हरकत में आ गया। शुक्रवार को संबंधित विभाग ने टूट चुकी सड़क की परत को पूरी तरह उखाड़कर दोबारा निर्माण कार्य शुरू करा दिया। त्वरित कार्रवाई से स्थानीय लोगों में राहत देखी गई। बताया जाता है कि 8 फरवरी को रेलवे ओवरब्रिज के बगल से गुजरने वाली इस सर्विस मार्ग का निर्माण कराया गया था। लेकिन निर्माण के दस दिन के भीतर ही सड़क कई स्थानों पर उखड़ गई और जगह-जगह गड्ढे बन गए थे। सड़क की ऊपरी परत टूटने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग दुर्घटना का कारण बनता जा रहा था। घटिया सामग्री का उपयोग करने का लगा था आरोप स्थानीय निवासियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। लोगों ने संबंधित विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से अनियमितता बरतने की आशंका जताई थी। वार्ड पार्षद प्रतिनिधि सागर यादव, निर्मल यादव और राहुल महासेठ सहित कई लोगों ने जिलाधिकारी से उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। मामले पर एनएच-106 के कार्यपालक अभियंता सत्येंद्र पाठक ने बताया कि सड़क की मेंटेनेंस अवधि पांच वर्ष निर्धारित है। शिकायत मिलते ही विभाग ने स्थिति का निरीक्षण कराया और क्षतिग्रस्त हिस्सों को उखाड़कर पुनर्निर्माण का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कराने को कहा गया है और विशेष निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल पुनर्निर्माण कार्य जारी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की तत्परता की सराहना की है, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी है कि यदि दोबारा लापरवाही सामने आई तो वे आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। अब सबकी नजर इस बात पर है कि नई सड़क कितनी टिकाऊ और मजबूत साबित होती है।
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