श्रावस्ती में भारत-नेपाल सीमा पर बाल तस्करी रोकने और सीमावर्ती क्षेत्रों में समन्वय मजबूत करने के उद्देश्य से एक बहु-हितधारक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक भिनगा स्थित डीपीआरसी परिसर में देहात इंडिया संस्था के तत्वावधान में थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग के सहयोग से संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत-नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों में बाल तस्करी की रोकथाम करना, जन-जागरूकता बढ़ाना और विभिन्न सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाओं के बीच समन्वय को मजबूत करना था। कार्यक्रम की शुरुआत में मोहम्मद इमरान ने “बच्चा क्या है” और “ट्रैफिकिंग क्या है” जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान नेपाल से भारत की ओर होने वाली बाल तस्करी के संभावित मार्गों पर भी गहन चर्चा की गई। बैठक में डीसीपीयू, वन स्टॉप सेंटर और चाइल्ड लाइन सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भी इसमें भाग लिया।इसके अतिरिक्त, ग्रामीण बौद्ध कल्याण सेवा संस्थान, मां सरस्वती बालिका शिक्षा समिति, मानव सेवा संस्थान, जीडीएस और हंस फाउंडेशन जैसे गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए। सभी हितधारकों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में सामने आई चुनौतियों, प्राप्त सफलताओं और आपसी सहयोग के अनुभवों को साझा किया। वक्ताओं ने सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ाने, सूचना तंत्र को मजबूत करने और समय पर सूचनाओं के आदान-प्रदान पर विशेष जोर दिया। सभी प्रतिभागियों ने बाल संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और भविष्य में आपसी समन्वय के साथ मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। इस बैठक को भारत-नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों में बाल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

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