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भारतेंदु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती समारोह:सीएम योगी ने किया शुभारंभ, 5 से 12 अप्रैल तक रंगमंच का महाकुंभ


                 भारतेंदु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती समारोह:सीएम योगी ने किया शुभारंभ, 5 से 12 अप्रैल तक रंगमंच का महाकुंभ

भारतेंदु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती समारोह:सीएम योगी ने किया शुभारंभ, 5 से 12 अप्रैल तक रंगमंच का महाकुंभ

भारतेंदु नाट्य अकादमी (बीएनए) अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर 5 से 12 अप्रैल तक स्वर्ण जयंती नाट्य समारोह आयोजित कर रही है। इस भव्य आयोजन का शुभारंभ 5 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किया। आठ दिनों तक चलने वाला यह आयोजन रंगमंच, संस्कृति और कला का बड़ा उत्सव बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ, कलाविदों का होगा सम्मान अकादमी परिसर स्थित राज बिसारिया प्रेक्षागृह में आयोजित उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर वे अकादमी से जुड़े वरिष्ठ कलाविदों और पूर्व छात्रों को सम्मानित करेंगे। अकादमी के अध्यक्ष डॉ. रतिशंकर त्रिपाठी और निदेशक बिपिन कुमार ने बताया कि यह आयोजन अकादमी की 50 वर्षों की सांस्कृतिक यात्रा का उत्सव है, जिसमें रंगमंच के क्षेत्र में किए गए योगदान को रेखांकित किया जाएगा। 22 करोड़ से हुए जीर्णोद्धार कार्य का भी होगा लोकार्पण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री अकादमी परिसर के संपूर्ण भवन और दो प्रमुख प्रेक्षागृहों के जीर्णोद्धार कार्य का लोकार्पण भी करेंगे। करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से इनका नवीनीकरण कराया गया है, जिससे कलाकारों और दर्शकों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी। इस दौरान ‘रंगवेद’ पत्रिका का विमोचन भी किया जाएगा, जो रंगमंच और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी सामग्री का दस्तावेज बनेगी। देश-विदेश के कलाकार देंगे प्रस्तुतियां स्वर्ण जयंती नाट्य समारोह में देश और विदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकार भाग लेंगे। यह आयोजन न केवल स्थानीय कलाकारों के लिए मंच प्रदान करेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रंगमंच की विविधता को भी दर्शाएगा। रोजाना दो सत्रों में होंगे नाट्य मंचन 5 से 12 अप्रैल तक चलने वाले इस समारोह में प्रतिदिन दो सत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बीएम शाह प्रेक्षागृह में अपराह्न 3:30 बजे से और राज बिसारिया प्रेक्षागृह में शाम 6:30 बजे से नाट्य प्रस्तुतियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इन प्रस्तुतियों में विभिन्न शैलियों के नाटक, प्रयोगधर्मी रंगमंच और पारंपरिक कला रूपों का समावेश रहेगा। भारतेंदु नाट्य अकादमी का यह स्वर्ण जयंती समारोह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि पांच दशकों की उस सांस्कृतिक यात्रा का उत्सव है, जिसने लखनऊ को देश के प्रमुख रंगमंच केंद्रों में स्थापित किया है।


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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