भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन:पीलीभीत में राष्ट्रपति के नाम मांगपत्र सौंपा, गांव-गांव गेहूं क्रय केंद्र लगवाने की मांग
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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन:पीलीभीत में राष्ट्रपति के नाम मांगपत्र सौंपा, गांव-गांव गेहूं क्रय केंद्र लगवाने की मांग
पीलीभीत में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की जिला इकाई ने जनसमस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं और किसानों ने रैली निकालकर सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से भारत की राष्ट्रपति को संबोधित एक 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। पार्टी ने कहा कि तौल न होने के कारण किसान रातें केंद्रों पर गुजारने को मजबूर हैं और उन्हें बिचौलियों को औने-पौने दाम पर गेहूं बेचना पड़ रहा है। भाकपा ने तत्काल तौल शुरू कर किसानों का पूरा गेहूं खरीदने की मांग की। इसके अतिरिक्त, यूजीसी 2026 कानून को शीघ्र लागू करने और रसोई गैस की बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेने तथा ऑनलाइन बुकिंग की समस्याओं को दूर करने की भी मांग की गई। पार्टी ने बड़ी संख्या में वृद्धावस्था और विधवा पेंशन बिना किसी ठोस कारण के काटे जाने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इन पेंशनों को अविलंब बहाल करने की मांग की। साथ ही, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के लिए न्यूनतम 21,000 रुपये वेतन निर्धारित कर उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग भी पुरजोर तरीके से रखी गई। स्थानीय समस्याओं में बीसलपुर तहसील के गांवों में पुराने नाले की खुदाई कराने और स्मार्ट मीटर के नाम पर हो रही कथित “बिजली लूट” को रोकने की बात कही गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच हो रहे युद्ध की निंदा करते हुए भारत सरकार से शांति के लिए हस्तक्षेप करने की अपील भी ज्ञापन में शामिल थी। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में जिला सचिव बल बहादुर मौर्या एडवोकेट, हर प्रसाद दिनकर, हसमत अली, राम भजन, पीतांबर दास, दिगंबर देव शर्मा और साबिर सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
