नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट के दौरान कार्यक्रम स्थल के बाहर कांग्रेस से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए विरोध-प्रदर्शन पर भागलपुर के अधिवक्ताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इस नारेबाजी के कारण कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया था, जबकि सम्मेलन में देश-विदेश से आए प्रतिनिधि मौजूद थे। भागलपुर कोर्ट के वकीलों ने इस घटना को ‘घोर निंदनीय’ बताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऐसे आयोजनों में राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन करना देश की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है। उनका कहना है कि जब भारत तकनीक और डिजिटल क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, तब इस तरह की गतिविधियां वैश्विक मंच पर गलत संदेश देती हैं। अधिवक्ताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और प्रशासनिक क्षेत्रों में इसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है। उनके अनुसार, एआई समिट जैसे मंच का उद्देश्य नवाचार, तकनीकी सहयोग और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूत करना है, ऐसे में राजनीतिक नारेबाजी अनुचित है। उन्होंने स्पष्ट कहा, “पहले राष्ट्र है, उसके बाद राजनीति।” वकीलों ने अपील की है कि भविष्य में इस तरह के महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान शांति और गरिमा बनाए रखी जाए, ताकि भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा मजबूत बनी रहे।
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