सम्भल में भारतीय किसान यूनियन (असली) अराजनैतिक के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने गुरुवार को बहजोई स्थित जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को विभिन्न मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने ज्ञापन में कई गंभीर मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। भाकियू (असली) के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि थाना जुनावई में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 0072/26 झूठे और बेबुनियाद तथ्यों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज इस मुकदमे में संगठन के नेताओं को गलत तरीके से जेल भेजा गया है। यूनियन ने निष्पक्ष जांच कराकर सभी बंद कार्यकर्ताओं को बिना शर्त तत्काल रिहा करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, संगठन ने बुलंदशहर के डिबाई तहसील स्थित ग्राम ऊंचा गांव खादर के खनन क्षेत्र को लेकर भी चिंता व्यक्त की। ज्ञापन में कहा गया कि गाटा संख्या 01, खंड 02, रकबा 11.424 हेक्टेयर में आवंटित खनन क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके लिए सम्भल और बुलंदशहर के राजस्व एवं खनन विभाग के अधिकारियों की निगरानी में एक उच्चस्तरीय समिति गठित कर क्षेत्र का चिन्हांकन कराने की मांग की गई। भाकियू नेताओं ने यह भी मांग की कि बालू खनन कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जाए। साथ ही, परिवहन कार्य में केवल फिटनेस प्रमाणित और पंजीकृत वाहनों को ही अनुमति दी जाए, जिससे अवैध खनन और दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। संगठन ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 31 मार्च 2026 तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो 1 अप्रैल 2026 को कलेक्ट्रेट परिसर में महापंचायत आयोजित कर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस स्थिति के लिए पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस दौरान आशक रजा, बाबूराम प्रजापति, मोरध्वज यादव, जयवीर सिंह यादव, वीरेश यादव और चौधरी अर्जुन सिंह सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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