हरदोई में बैंक अधिकारी और कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को काली पट्टी बांधकर काम किया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने 24 घंटे के नोटिस पर हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। यूएफबीयू के स्थानीय संयोजक राकेश पाण्डेय ने बताया कि केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज ने परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) को लेकर एक भेदभावपूर्ण फैसला लिया है। इस निर्णय के तहत, उच्च प्रबंधन के स्केल 4 से 7 के अधिकारियों को 365 दिन के वेतन के बराबर इंसेंटिव मिलेगा। इसके विपरीत, अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को अधिकतम 15 दिन के वेतन के बराबर ही इंसेंटिव दिया जाएगा। स्थानीय संयोजक ने कहा कि इस नीति से बैंककर्मी परेशान हैं, क्योंकि उच्च प्रबंधन को लाखों में इंसेंटिव मिलेगा, जबकि कनिष्ठ प्रबंधन के अधिकारी और कर्मचारी हजारों तक ही सीमित रह जाएंगे। यह इंसेंटिव वेतन के अतिरिक्त भुगतान होगा। यूएफबीयू के आह्वान पर सभी अधिकारी और कर्मचारी बैंकों के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुपों से बाहर हो रहे हैं। अलग-अलग बैंकों में काली पट्टी बांधकर अधिकारी कर्मचारी काम करते नजर आए। इसमें बैंक ऑफ इंडिया में अनूप सिंह, हर्षित, वेदप्रकाश पांडे, क्षितिज पाठक, पंजाब नेशनल बैंक में किरन चौरसिया, कंचन, जय मेहरोत्रा, यूनियन बैंक में कौशलेंद्र शुक्ल, केनरा बैंक में आदेश बाजपेयी, अनूप सिंह, दीपक बाजपेयी, इंडियन बैंक में गौरव सिंह, आशीष मिश्रा, बैंक ऑफ बड़ौदा में अरविंद यादव, अनादि और अनिल शामिल रहे।

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