पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड द्वारा मुजफ्फरनगर में आरडीएसएस योजना के तहत पुराने बिजली मीटरों को स्मार्ट प्रीपेड मीटर में बदलने का कार्य तेजी से जारी है। इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को आधुनिक और पारदर्शी बिजली व्यवस्था का लाभ देने का दावा किया जा रहा है। मुख्य अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि बैलेंस खत्म होने पर भी उपभोक्ताओं को 3 दिन तक बिजली मिलती रहेगी। मंगलवार को दिल्ली-देहरादून हाईवे स्थित कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में मुख्य अभियंता विनोद कुमार ने स्मार्ट मीटर से जुड़ी व्यवस्थाओं, समस्याओं और सुविधाओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को समय पर रिचार्ज करने पर बिजली बिल में 2 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। साथ ही, उपभोक्ता अपने बिजली उपयोग की जानकारी रियल टाइम में प्राप्त कर सकेंगे। मुख्य अभियंता ने स्पष्ट किया कि यदि किसी उपभोक्ता का बैलेंस समाप्त हो जाता है, तब भी उसकी बिजली आपूर्ति तुरंत नहीं काटी जाएगी। आपूर्ति 3 दिनों तक जारी रहेगी, जिससे उपभोक्ताओं को असुविधा न हो। इसके अतिरिक्त, सुबह 6 बजे से 8 बजे तक और रविवार व राजपत्रित अवकाश के दिनों में भी बिजली आपूर्ति बाधित नहीं की जाएगी। उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मिलेगी उन्होंने यह भी बताया कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह आईएसआई प्रमाणित हैं और इनमें इन-बिल्ट सुरक्षा प्रणाली भी उपलब्ध है। उपभोक्ता मोबाइल ऐप, वेबसाइट और डिजिटल माध्यमों जैसे पेटीएम व जीपे के जरिए आसानी से रिचार्ज कर सकेंगे। एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से बिजली खपत, बैलेंस और अन्य सूचनाएं भी मिलती रहेंगी। विभाग के अनुसार, मुजफ्फरनगर जोन में अब तक लाखों स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं और यह प्रक्रिया लगातार जारी है। पूरे पश्चिमांचल क्षेत्र के 14 जनपदों में 76 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं, जिनमें से अब तक करीब 20.7 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। जनपद शामली में 1 लाख 16 हजार से अधिक और मुजफ्फरनगर में लगभग 87 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस योजना से न केवल उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि बिजली वितरण प्रणाली भी अधिक मजबूत और पारदर्शी बनेगी।

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