बेतिया मुफस्सिल थाना क्षेत्र में बेतिया-अरेराज मुख्य पथ पर हरदिया जोड़ा पुल के पास सरकारी सड़क पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जा कर दीवार बनाने का मामला सामने आया है। इस अतिक्रमण से न केवल सरकारी सड़क बाधित हो रही है, बल्कि एक किसान की निजी भूमि भी प्रभावित हुई है। आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद ने इस मामले में बेतिया पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। धुमनगर निवासी प्रहलाद मुखिया और विशुनपुरा निवासी दीपक कुमार ने मुफस्सिल थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अवैध कब्जे का विरोध करने पर भू-माफिया उन्हें मारपीट और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं, जिससे इलाके में तनाव का माहौल है। शिकायत के अनुसार, जोड़ा नहर से पूरब सरेह जाने वाली यह सड़क सरकारी नक्शे में दर्ज है। इसकी चौड़ाई 15 से 40 फीट तक है और यह खाता संख्या 178 एवं खेसरा संख्या 871 में अंकित है। ग्रामीण किसान इसी रास्ते का उपयोग अपने खेतों तक पहुंचने के लिए करते हैं। पीड़ितों ने बताया कि 28 दिसंबर को छोटा बरवत निवासी शत्रुधन कुमार सैकड़ों लोगों के साथ लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे और जबरन निर्माण कार्य शुरू कर दिया। विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस के पहुंचने के बावजूद निर्माण कार्य नहीं रुका और सड़क किनारे लगे हरे-भरे पेड़ों को भी काट दिया गया। पुलिस द्वारा निर्माण कार्य रोकने के बावजूद शुक्रवार को इसे फिर से शुरू कर दिया गया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद से मिलकर मामले की शिकायत की। मंत्री नारायण प्रसाद ने जानकारी दी कि लगभग दो वर्ष पहले भी इसी भूमि पर कब्जे का प्रयास किया गया था, जिसे पुलिस और अंचलाधिकारी के हस्तक्षेप से रोका गया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारी नक्शे में यह भूमि सड़क के रूप में ही दर्ज है।
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