नालंदा जिले के बहुचर्चित बेंच-डेस्क घोटाले की परतें अब तेजी से खुलने लगी है। विधानसभा में इस मामले के गूंजने के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। योजना एवं लेखा डीपीओ ने 36 स्कूलों के प्राचार्यों (एचएम) से फिर से स्पष्टीकरण (शोकॉज) पूछा है। विभाग ने अल्टीमेटम दिया है कि शनिवार सुबह साढ़े 11 बजे तक हर हाल में डीसी विपत्र (उपयोगिता प्रमाणपत्र) जमा कराएं। ऐसा न करने वाले हेडमास्टरों के खिलाफ सीधे गबन की एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। आज हिसाब देने का आखिरी मौका योजना एवं लेखा डीपीओ मो. शाहनवाज ने बताया कि इससे पहले भी नौ बार सभी संबंधित एचएम को बेंच-डेस्क खरीद के लिए दी गई राशि का हिसाब देने के लिए पत्र भेजा जा चुका है। लेकिन, किसी ने भी इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि शनिवार तक हिसाब नहीं देने वालों के कृत्य को वित्तीय अनियमितता, स्वेच्छाचारिता, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही माना जाएगा और उसी के अनुरूप दंडात्मक कार्रवाई होगी। विधानसभा में गूंजा मामला, बड़े अधिकारियों को बचाने की कोशिश यह घोटाला पहले केवल जिला शिक्षा विभाग की फाइलों तक ही सीमित था, लेकिन पिछले तीन दिनों में दो बार विधानसभा में इस पर सवालों की बौछार होने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में 36 एचएम पर कार्रवाई की गई, जबकि इससे पहले 59 एचएम से शोकॉज पूछा गया था। बिहार विधानसभा में उठा मुद्दा अस्थावां विधायक डॉ. जितेंद्र कुमार ने मंगलवार को विधानसभा में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच रिपोर्ट आने के दो साल बाद भी मुख्य दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई। 59 एचएम, तत्कालीन स्थापना डीपीओ और एक क्लर्क पर छोटी-मोटी कार्रवाई कर फाइल बंद कर दी गई। विधायक ने सदन में स्पष्ट कहा कि मुख्य आरोपी तत्कालीन डीईओ राज कुमार पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें प्रोन्नति देकर पटना का आरडीडीई बना दिया गया। जबकि तत्कालीन डीएम शशांक शुभंकर और डीडीसी श्रीकांत कुंडलिक की जांच रिपोर्टों में तत्कालीन डीईओ को भी सीधे तौर पर दोषी पाया गया था। आरोप है कि विभाग अब भी केवल एचएम पर कार्रवाई कर बड़े मगरमच्छों को बचाने की फिराक में लगा है। इन स्कूलों के एचएम से पूछा गया शोकॉज विभाग ने जिन गांवों और स्कूलों के हेडमास्टरों से जवाब तलब किया है, उनमें नेरुत, मंडाछ-खुर्द, सिंगारहाट, महलपर, देवधा, सरबहदी, चैनपूरा, खंदकपर, गरीबपुर, नकटपुरा, राणाबिगहा, माधोपुर, महकार, तारापुरा, दशरथपुर, भैरवा, पुनाडीह, मवि नगरनौसा, पिलिछ, अंडवस, इसुआ, इसुआ डीह, मिसिनिया, पेंदी, चेरों, जयकिशुनबिगहा, नानंद, धरहरा, चंडी-मौ, मवि सिलाव, करियन्ना और नयावन शामिल हैं।
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