अयोध्या में बूंदाबांदी के बाद आसमान में काले बादल छाए हुए हैं। ठंडी हवाओं के बीच श्रद्धालु भोर से ही सरयू स्नान कर नागेश्वरनाथ महादेव का अभिषेक कर रहे हैं। सरयूतट पर श्रद्धालु बोटिंग कर मौसम का आनंद ले रहे हैं।राम की पैड़ी के नहर में भी श्रद्धालु स्नान कर आनंदित दिखाई पड़ रहे हैं। मौसम के इस रुख से पर्यटकों और श्रद्धालुओं में उल्लास दिखााई दे रहा है। रामपथ पर श्रद्धालुओं का आवागमन जारी है।हनुमानगढ़ी मंदिर और राम मंदिर में भक्तों की भीड़ देखी जा रही है।कड़ी सुरक्षा के बीच श्रद्धालु इन दोनों मंदिरों में दर्शन कर रहे हैं। अयोध्या में मंगलवार देर रात करीब 1 बजे तेज गरज-चमक के साथ आंधी और हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम के बदलाव का सीधा असर फसलों पर पड़ने की आशंका है। बूंदाबांदी का असर बुधवार सुबह तक बना हुआ है। यह स्थिति खासकर गेहूं और सरसों की खेती करने वाले किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। अगेती गेहूं की कटाई का काम तेजी से चल रहा है, वहीं सरसों की लगभग 30 प्रतिशत फसल अभी भी खेतों में पड़ी है और उसकी मड़ाई नहीं हो सकी है। किसानों का कहना है कि यदि इस समय तेज बारिश होती है, तो गेहूं की कटाई और सरसों की मड़ाई दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा। इससे उत्पादन में कमी आने के साथ-साथ किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। खेतों में पड़ी फसल के भीगने से उसकी गुणवत्ता खराब होने का खतरा बना हुआ है, जिससे बाजार में उचित मूल्य मिलने में भी दिक्कत आ सकती है। एनडी कृषि विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के मौसम वैज्ञानिक डॉ. सीताराम मिश्रा ने बताया कि अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.5 डिग्री ज्यादा है। अधिकतम सापेक्षिक आर्द्रता 82 प्रतिशत और न्यूनतम 41 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि हवा की गति 1.5 किलोमीटर प्रति घंटा और दिशा उत्तर-पश्चिमी रही। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी 24 घंटों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। ऐसे में किसानों को सतर्क रहने और अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।

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