बुलंदशहर से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां गायत्री वर्मा ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षा में 210वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और जनपद का नाम रोशन किया है। गायत्री एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता राजकुमार वर्मा शिकारपुर रोड पर एक छोटी सी दुकान चलाते हैं। इस दुकान पर वे टायर पंक्चर बनाने के साथ-साथ चाय भी बेचते हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद, राजकुमार वर्मा ने अपनी बेटी की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद, उनके हौसले हमेशा मजबूत रहे। आसान नहीं था गायत्री का सफर गायत्री की सफलता की कहानी आसान नहीं रही। उन्होंने बताया कि पहले प्रयास में वे प्रारंभिक परीक्षा (प्रिलिम्स) भी पास नहीं कर पाई थीं। इस असफलता ने उन्हें और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। दूसरे प्रयास में भी उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आखिरकार, तीसरे प्रयास में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 210वीं रैंक हासिल कर पीसीएस अधिकारी बनने का अपना सपना पूरा किया। गायत्री की इस उपलब्धि से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। आसपास के लोग और रिश्तेदार मिठाई बांटकर अपनी खुशी जाहिर कर रहे हैं। पिता राजकुमार वर्मा की आंखों में खुशी के आंसू साफ देखे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है, जिसने कठिन परिस्थितियों के बावजूद यह मुकाम हासिल किया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि गायत्री की सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों को अधूरा छोड़ देते हैं। गायत्री ने यह साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

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