बिहार में पहली बार दिव्यांगजनों के लिए विशेष रूप से समाज कल्याण विभाग, बिहार की ओर से “दिव्यांग महोत्सव” का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में दिव्यांगजन, अभ्यर्थी और अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी मौजूद रहे। उनके साथ विभाग की सचिव वंदना प्रेयसी और दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय के निदेशक योगेश कुमार सागर भी मंच पर उपस्थित रहे। समारोह में सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिला, जब सारेगामा पा के विजेता दिवाकर शर्मा ने अपनी प्रस्तुति से माहौल को भावुक और उत्साहपूर्ण बना दिया। देखिए दिव्यांग महोत्सव की 3 तस्वीरें…
10 अभ्यर्थियों को 50,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि “सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना” के तहत चयनित 10 दिव्यांग अभ्यर्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान करना रहा। इन अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50,000 रुपए की राशि का डमी चेक मंत्री मदन सहनी द्वारा प्रदान किया गया। सरकार का उद्देश्य है कि दिव्यांग युवा भी प्रशासनिक सेवाओं में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें और समाज में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएं। मंच से यह संदेश दिया गया कि प्रतिभा किसी शारीरिक सीमा की मोहताज नहीं होती। ट्राई साइकिल वितरण और उद्यमिता को बढ़ावा कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंद दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल वितरित की गई, ताकि उनकी आवाजाही आसान हो सके और वे आत्मनिर्भर जीवन की ओर कदम बढ़ा सकें। साथ ही, जो दिव्यांगजन स्वरोजगार या उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं, उन्हें मुख्यमंत्री योजना के तहत आर्थिक सहयोग देने की घोषणा भी की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इच्छुक लाभार्थी अपनी पसंद का उद्योग स्थापित कर सकते हैं और सरकार की ओर से उन्हें आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई मंत्री मदन सहनी ने कहा कि बिहार सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जो दिव्यांगजन व्यापार या उद्योग करना चाहते हैं, सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्हें अपनी इच्छा के अनुसार काम शुरू करने के लिए आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है। वहीं सचिव वंदना प्रेयसी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि यह कदम दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। निदेशक योगेश कुमार सागर ने कहा कि यह कार्यक्रम राज्य सरकार की समावेशी सोच का परिणाम है, जिसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है।
https://ift.tt/53Ny6hc
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply