शहर की महत्वाकांक्षी ‘न्यू कानपुर सिटी’ योजना को रफ्तार देने के लिए कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने शुक्रवार को दोतरफा कार्रवाई की। एक तरफ जहाँ अवैध निर्माण और प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ सीलिंग का चाबुक चला, वहीं दूसरी ओर योजना के लिए जमीन देने वाले 18 काश्तकारों को करीब साढ़े चार करोड़ रुपए के चेक बांटे गए। केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गब्र्याल और सचिव अभय कुमार पाण्डेय के निर्देश पर यह पूरी कार्रवाई की गई। विशेष कार्याधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह के नेतृत्व में प्रवर्तन टीम ने बिठूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिंहपुर और गम्भीरपुर कछार में अवैध निर्माणों को सील किया। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि बिना मानचित्र स्वीकृत कराए किया गया कोई भी निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 1500 वर्ग मीटर में हो रही प्लॉटिंग सील केडीए की टीम ने सबसे पहले गम्भीरपुर कछार में सिंहपुर बाजार रोड पर करीब 1500 वर्ग मीटर जमीन पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को पकड़ा। यहाँ बिना किसी ले-आउट प्लान या स्वीकृति के निर्माण कार्य चल रहा था, जिसे तुरंत सील कर दिया गया। इसके अलावा न्यू कानपुर सिटी क्षेत्र के आराजी संख्या 812 में मानकों के खिलाफ हो रहे अवैध निर्माण पर भी कार्रवाई की गई। डॉ. रवि प्रताप सिंह ने बताया कि,सिंहपुर कछार की एक अन्य आराजी संख्या 370 में पहले भी सीलिंग की गई थी, लेकिन मालिक ने चोरी-छिपे सील तोड़कर फिर से काम शुरू कर दिया। अब ऐसे निर्माणकर्ताओं के खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। किसानों को मिला सर्किल रेट से 4 गुना मुआवजा एक तरफ जहाँ अवैध निर्माण पर सख्ती दिखी, वहीं न्यू कानपुर सिटी योजना के लिए जमीन देने वाले किसानों के चेहरे खिल गए। केडीए ने 18 काश्तकारों से करीब 0.6491 हेक्टेयर भूमि का बैनामा अपने पक्ष में कराया। इन किसानों को सर्किल रेट से 4 गुना ज्यादा कीमत देते हुए कुल 4,46,54,791 रुपए के डिमांड ड्राफ्ट वितरित किए गए। मुआवजा पाने वाले किसानों ने केडीए की सरल प्रक्रिया की तारीफ करते हुए अधिकारियों का धन्यवाद किया। नक्शा पास कराकर ही करें निर्माण केडीए प्रशासन ने विकासकर्ताओं और आम जनता से अपील की है,कि वे किसी भी तरह का निर्माण शुरू करने से पहले प्राधिकरण से नक्शा (ले-आउट) जरूर पास कराएं। स्वीकृत नक्शे के बिना किए गए निर्माण को अवैध मानकर ध्वस्त या सील किया जाएगा। केडीए ने स्पष्ट किया है,कि अवैध कॉलोनियों और निर्माणों के खिलाफ यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा।

Leave a Reply