बिजनौर में 20 दिन के बाद गुलदार का खौफ खत्म:बच्ची की जान लेने वाला आदमखोर पिंजरे में कैद, गांव में राहत की सांस
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बिजनौर में 20 दिन के बाद गुलदार का खौफ खत्म:बच्ची की जान लेने वाला आदमखोर पिंजरे में कैद, गांव में राहत की सांस
बिजनौर में करीब 20 दिनों से दहशत का पर्याय बना आदमखोर गुलदार आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। मुकर्रमपुर गांव में 10 साल की बच्ची अदिति को अपना शिकार बनाने वाले इस खूंखार तेंदुए के पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। लंबे इंतजार और लगातार दहशत के बाद आई इस खबर ने पूरे इलाके में सुकून का माहौल ला दिया। देखें गुलदार की तस्वीरें… खेत में लगा पिंजरा बना जाल डीएफओ जयसिंह कुशवाहा के मुताबिक, रविवार सुबह तकरीबन 11 बजे मुकर्रमपुर के जंगल क्षेत्र में किसान इंद्रपाल सिंह के खेत में लगाए गए पिंजरे में यह गुलदार फंस गया। वन विभाग की टीम ने पहले से ही रणनीति के तहत इस स्थान पर पिंजरा लगाया था, जो आखिरकार सफल साबित हुआ। बच्ची की मौत के बाद बढ़ी थी दहशत गौरतलब है कि 15 मार्च की सुबह करीब 10 बजे मुकर्रमपुर में 10 साल की अदिति को इसी गुलदार ने अपना शिकार बनाया था। आदिति अपनी मां पिंकीदेवी के संग खेत से घर लौट रही थी। तब गुलदार बच्ची को खींच कर ले गया था। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था और लोग घरों से निकलने में भी डर रहे थे। पकड़े जाने की खबर से उमड़ी भीड़ डिप्टी रेंजर हरदीप सिंह ने बताया कि जैसे ही गुलदार के पिंजरे में कैद होने की खबर गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों के चेहरे पर राहत साफ दिखाई दे रही थी और कई दिनों बाद गांव में सामान्य स्थिति लौटती नजर आई। वन विभाग ने संभाला मोर्चा सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गुलदार को सुरक्षित तरीके से कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय ले गई। अधिकारियों ने पूरी सतर्कता के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया। एक और गुलदार की आशंका, बढ़ी चिंता ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में एक और गुलदार देखे जाने की सूचना है। इसको लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि अन्य गुलदारों को पकड़ने के लिए भी जल्द अभियान चलाया जाए। निगरानी जारी, सतर्क रहने की अपील वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दी जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। यह घटना जहां एक ओर वन विभाग की बड़ी सफलता मानी जा रही है, वहीं यह भी संकेत देती है कि मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ता टकराव अब गंभीर रूप लेता जा रहा है।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
