बिजनौर: अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नगीना अनुपम सिंह ने एक महिला से दुष्कर्म और उसकी अश्लील तस्वीरें खींचने के मामले में आरोपी इमरान को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने इमरान को दस साल कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता क्षितिज अग्रवाल ने बताया कि पीड़िता ने नगीना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, 18 अगस्त 2024 को पीड़िता के पति बागेश्वर धाम गए थे, और वह अपने बच्चों के साथ घर पर अकेली थी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी इमरान, जिसे उसके पति ने ब्लड लैब बनाने के लिए छह लाख रुपये उधार दिए थे, उनके घर आता-जाता रहता था। 20 अगस्त 2024 को सुबह करीब आठ बजे जब बच्चे स्कूल गए थे, तब इमरान घर में घुस आया। उसने तमंचे से गोली मारने की धमकी देकर महिला के साथ जबरन दुष्कर्म किया। आरोपी ने दुष्कर्म के दौरान महिला की अश्लील तस्वीरें भी खींचीं और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। बाद में, इमरान ने इन तस्वीरों के आधार पर महिला से आठ लाख रुपये की मांग की। डर और इज्जत की खातिर पीड़िता ने घर में रखे कमेटी के पैसे आरोपी को दे दिए। पैसे लेने के बावजूद आरोपी इमरान महिला को ब्लैकमेल करता रहा और उस पर धर्म परिवर्तन कर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालता रहा। पीड़िता ने परेशान होकर बाद में यह घटना अपने पति को बताई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के आदेश पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में सुनवाई के बाद न्यायाधीश अनुपम सिंह ने आरोपी इमरान को दोषी पाते हुए उपरोक्त सजा सुनाई।

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