बिजनौर में डिजिटल जनगणना 2026-27 के सफल संचालन के लिए फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वान्या सिंह ने वर्धमान डिग्री कॉलेज में दीप प्रज्वलित कर इसका शुभारंभ किया। यह प्रशिक्षण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के सुचारु निष्पादन के लिए आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला प्रभारी जनगणना अधिकारी जे.पी. यादव, प्रभारी अधिकारी जनगणना नितिन कुमार, मास्टर ट्रेनर डॉ. आकाश अग्रवाल, डॉ. अमित कुमार और डॉ. राजीव बिश्नोई सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अपर जिलाधिकारी वान्या सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य फील्ड अधिकारियों को डिजिटल उपकरणों मोबाइल ऐप और जनगणना की जटिल प्रक्रियाओं से परिचित कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी, जिसमें डेटा संकलन के लिए मोबाइल एप्लीकेशन और ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान, मास्टर ट्रेनर्स ने फील्ड ट्रेनर्स को मोबाइल ऐप के माध्यम से रियल-टाइम डेटा एंट्री और सिंकिंग की तकनीकी जानकारी दी। प्रथम चरण के लिए निर्धारित 33 प्रश्नों, जिनमें आवास की स्थिति, बुनियादी सुविधाएं और संपत्ति शामिल हैं, पर भी विस्तार से चर्चा की गई। नागरिकों के लिए उपलब्ध 15-दिवसीय ‘स्व-गणना’ विंडो के सत्यापन की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। जिला जनगणना अधिकारी ने बताया कि फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण मार्च माह तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद, ये फील्ड ट्रेनर्स गणक (enumerators) और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षित करेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक गणक और सुपरवाइजर पूरी तरह प्रशिक्षित होकर मई 2026 से शुरू होने वाले जनगणना के प्रथम चरण के फील्ड कार्य को बिना किसी त्रुटि के संपन्न कर सकें। सभी संबंधित कर्मियों को इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम में गंभीरता से भाग लेने के निर्देश दिए गए हैं।

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