बिजनौर में अवैध चरस रखने के आरोप में एक 38 वर्षीय युवक को पांच साल कैद की सजा सुनाई गई है। एनडीपीएस एक्ट कोर्ट के स्पेशल सत्र न्यायाधीश प्रशांत मित्तल ने दोषी पाए गए युवक पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह मामला 2 मई 2022 का है, जब नगीना थाना के तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त पर थे। गश्त के दौरान, पुलिस को डबल फाटक के पास सूचना मिली कि कालाखेड़ी फाटक के पास एक संदिग्ध व्यक्ति खड़ा है, जिसके पास अवैध सामान हो सकता है। सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान नौशाद पुत्र कमरुद्दीन, निवासी आले अलीपुर, नगीना के रूप में बताई। तलाशी लेने पर नौशाद की जींस की जेब से 510 ग्राम अवैध चरस बरामद हुई। आरोपी नौशाद ने पुलिस के सामने कबूल किया कि वह इस चरस को बेचने के इरादे से नगीना आया था, ताकि इससे मिलने वाले पैसों से ईद का त्योहार मना सके। पुलिस ने बरामद चरस का नमूना फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा और नौशाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एनडीपीएस एक्ट के तहत नौशाद के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया था। मंगलवार को मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने उसे अवैध चरस रखने का दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई।

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