बाराबंकी में शनिवार को हुई आईसक्रीम विक्रेता की हत्या में चौंकाने वाली बात सामने आई है। आईसक्रीम विक्रेता का सिर काटकर उसे सिर्फ आरोपी ने चूल्हे में भूना नहीं था, बल्कि उसकी आंखे और गाल नोचकर खाए भी थे सिर का मांस भी नोच था। यह बात खुद रविवार को पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद आईमक्रीम विक्रमा के परिजनों और चश्मदीद ने बताई। पिता ने कहा- नरभक्षी की तरह मेरे बेटे को मार डाला गया। आरोपी सिर काटने के बाद वह सीधे उसे झोपड़ी में ले गया। वहां जब पुलिस पहुंची तो वह कटा सिर चूल्हे की आग में जल रहा था। परिजनों का दावा है कि वहां का मंजर ऐसा था कि देखकर किसी की थी रूह कांप जाए। हालांकि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई। टिकैतनगर थाना क्षेत्र के परसवाल गांव का है। पहले एक नजर पूरी घटना पर… पारा बेहटा गांव का रहने वाला बबलू (21) चार भाइयों में सबसे बड़ा था। वह आइसक्रीम बेचने का काम करता था। घर में उसकी पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। अभी 3 दिन पहले ही उसने बर्फ बेचने का काम शुरू किया था। बीते शनिवार को बबलू रोज की तरह बर्फ बेचने निकला था। परसवाल गांव के पास शंकर यादव (50) से उसका झगड़ा हो गया। मामूली कहासुनी में शंकर इस कदर आगबबूला हुआ कि वह दौड़कर घर के अंदर गया और बांका ले आया। इसके बाद शंकर ने बांका से बबलू पर हमला कर दिया और सरेआम उसकी गर्दन धड़ से अलग कर दी। हत्या करने के बाद शंकर भागने के बजाय बबलू का कटा हुआ सिर उठाकर अपने घर चला गया था। लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार किया। अब पढ़िए परिजनों और प्रधान ने क्या बताया… बब्लू के पिता पुनवासी राजभर ने कहा, आरोपी शंकर यादव ने ‘नरभक्षी’ जैसी दरिंदगी की है। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। बबलू ने उनसे घर के खर्च के बारे में पूछा था, जिस पर पिता ने उसे गर्मी के मौसम में बर्फ (आइसक्रीम) बेचने की सलाह दी थी। पिता ने बताया, आरोपी शंकर यादव ने बबलू से बर्फ खरीदी थी। जब बबलू ने अपने पैसे मांगे, तो शंकर यादव ने बांके से हमला कर उसकी हत्या कर दी। बबलू अपने परिवार के साथ एक छोटी टिन शेड की झोपड़ी में रहता था। उसकी मौत के बाद उसके दो मासूम बच्चे अनाथ हो गए हैं। अब उसकी पत्नी और बच्चों के पास कोई सहारा नहीं बचा है। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद जब बबलू का शव गांव पहुंचा, तो हर आंख नम थी।

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