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बाराबंकी में धनोखर सरोवर 51 हजार दीपों से जगमगाया:नव संवत्सर महोत्सव आतिशबाजी के साथ संपन्न
बाराबंकी शहर का पौराणिक धनोखर चक्रतीर्थ सरोवर नव संवत्सर 2083 के स्वागत में आस्था और उत्साह का केंद्र बना। पूरा परिसर 51 हजार दीपों और एलईडी रोशनी से जगमगा उठा। साधु-संतों के सानिध्य में हजारों श्रद्धालुओं ने सनातन परंपरा के इस पर्व को उल्लासपूर्वक मनाया। कार्यक्रम में प्रभात नारायण दीक्षित के नेतृत्व में “सुगम बहार” संगीत दल ने नव संवत्सर पर आधारित भजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को आकर्षित किया। युवाओं, महिलाओं और बच्चों में इस दौरान विशेष उत्साह देखा गया। अध्यक्षीय उद्बोधन में स्वामी प्रणवानंद सरस्वती ने कहा कि नव संवत्सर भारतीय संस्कृति और प्रकृति के नवजीवन का प्रतीक है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह प्रांत कार्यवाह डॉ. अविनाश ने इसे भारतीय स्वाभिमान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमारी गौरवशाली विरासत को सहेजने और समाज को एकजुट करने का अवसर है। डॉ. अविनाश ने विक्रमादित्य के योगदान को स्मरण करते हुए नव संवत्सर के ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। महोत्सव के दौरान चक्रतीर्थ सरोवर को 32 घाटों में विभाजित किया गया था। यहाँ स्वास्तिक आकृति में 51 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए गए, जिसमें 781 स्वयंसेवकों ने योगदान दिया। दीपोत्सव के बाद काशी से आए विद्वान पुरोहितों द्वारा गंगा आरती की तर्ज पर सरोवर की भव्य आरती संपन्न हुई। दो दिवसीय महोत्सव का समापन आतिशबाजी के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन आशीष सिंह ने किया। इस अवसर पर अमन वर्मा, विपिन राठौर, सरदार भूपेंद्र सिंह, सतीश शर्मा, डॉ. आरएस गुप्ता, रवि प्रकाश, सुधीर, श्रीओम पारितोष, उपेंद्र सिंह रावत, अरविंद मौर्य, नवीन राठौर, सुजीत चतुर्वेदी, पंकज गुप्ता, संतोष सिंह, श्रवण सिंह, हरगोविंद सिंह, मनीष परिहार, विजय आनंद बाजपेई, डॉ. विवेक वर्मा, अमितेश, पंकज कंवल, प्रभात सिंह, आशुतोष सिंह, मनीष श्रीवास्तव, पवनेंद्र सिंह सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
Sourse: Dainik Bhaskar via DNI News

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