
बाराबंकी-बहराइच फोरलेन हाईवे को मिली मंजूरी:6969 करोड़ की परियोजना से बढ़ेगी रफ्तार, नेपाल सीमा तक कनेक्टिविटी होगी मजबूत
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश में बाराबंकी से बहराइच तक 101.515 किलोमीटर लंबे 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड राष्ट्रीय राजमार्ग-927 के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना 6969.04 करोड़ रुपये की लागत से हाइब्रिड वार्षिकी मोड (PPP) पर बनाई जाएगी। निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में लिया गया। इस परियोजना के तहत बाराबंकी-बहराइच मार्ग को 4-लेन नियंत्रित प्रवेश-निकास वाले हाईवे में विकसित किया जाएगा, जिससे सड़क की ज्यामितीय खामियों, तीखे मोड़ों और जाम की समस्या से राहत मिलेगी। साथ ही सेवा सड़कों के निर्माण से स्थानीय यातायात भी सुगम होगा। नई सड़क बनने से औसत यात्रा गति बढ़ेगी और यात्रा समय में लगभग एक घंटे की कमी आएगी। इसके अलावा सड़क सुरक्षा, ईंधन की बचत और वाहन संचालन लागत में भी सुधार होगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। यह हाईवे लखनऊ से रूपईडीहा कॉरिडोर का अहम हिस्सा होगा और बाराबंकी, रामनगर, जरवल, कैसरगंज, फखरपुर और बहराइच जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेगा। परियोजना के तहत करीब 48.28 किलोमीटर लंबाई के बाईपास भी बनाए जाएंगे। इस मार्ग से राष्ट्रीय राजमार्ग-27, 330बी और 730 के साथ-साथ राज्य राजमार्ग 13 और 30बी का जुड़ाव होगा। इसके अलावा लखनऊ और श्रावस्ती हवाई अड्डों, बाराबंकी, बुढ़वल और बहराइच समेत कई रेलवे स्टेशनों तथा रूपईडीहा लैंड पोर्ट से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। परियोजना से भारत-नेपाल सीमा पर व्यापार और आवागमन को भी बढ़ावा मिलेगा, खासकर रूपईडीहा बॉर्डर के जरिए। साथ ही बहराइच और श्रावस्ती जैसे दूरस्थ जिलों के विकास को गति मिलेगी। रोजगार के लिहाज से भी यह परियोजना महत्वपूर्ण है। इसके निर्माण से करीब 36.54 लाख व्यक्ति-दिवस का प्रत्यक्ष और 43.04 लाख व्यक्ति-दिवस का अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2028 तक इस मार्ग पर औसत दैनिक यातायात 28,557 (पैकेज-1) और 21,270 (पैकेज-2) पीसीयू रहने का अनुमान है। यह परियोजना क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और निवेश को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगी।
Sourse: Dainik Bhaskar via DNI News

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