मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट प्रखंड स्थित बेनीबाद केवटसा चौक पर ‘चास बास जीवन बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा’ का आमरण अनशन सोमवार को आठवें दिन भी जारी रहा। इस दौरान, अनशनकारी रामलोचन सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सोमवार शाम करीब पांच बजे रामलोचन सिंह की तबीयत बिगड़ने के बाद अनशन स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एन.जी. रब्बानी मौके पर पहुंचे और तत्काल उनका इलाज शुरू किया। डॉ. रब्बानी ने बताया कि लगातार आठ दिनों से भूखे रहने के कारण रामलोचन सिंह का रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) और शुगर स्तर लगातार गिर रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि अनशन पर बैठे एक महिला सहित सभी चार अनशनकारियों की देखभाल के लिए अलग-अलग चिकित्सकों की टीम गठित की गई है, और अब 24 घंटे निगरानी की आवश्यकता है। इस बीच, मोर्चा के संयोजक जितेंद्र यादव ने बिहार सरकार और प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सैकड़ों परिवारों को बचाने के लिए चार लोग अपनी जान जोखिम में डालकर अनशन पर बैठे हैं, लेकिन सरकार ने अब तक कोई ठोस पहल नहीं की है। यादव ने चेतावनी दी कि यदि तटबंध निर्माण नहीं रोका गया, तो यह आंदोलन एक बड़े जन आंदोलन का रूप लेगा। अनशन स्थल पर एक सभा का भी आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता राम इकबाल राय ने की और संचालन राम सज्जन राय ने किया। सभा को हुकुमदेव राय, मिथिलेश राय, ठाकुर देवेंद्र कुमार, नवल किशोर सिंह, जगन्नाथ पासवान, उपेंद्र सिंह, राहुल कुमार, सतीश ठाकुर, बैजनाथ मिश्रा तथा डॉ. तकनीम अख्तर उर्फ ननकी जी सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया।
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