बागपत पूर्ति विभाग पर भ्रष्टाचार, उत्पीड़न के आरोप:संविदा नौकरी के नाम पर रिश्वत लेने का मामला सामने आया

बागपत पूर्ति विभाग पर भ्रष्टाचार, उत्पीड़न के आरोप:संविदा नौकरी के नाम पर रिश्वत लेने का मामला सामने आया
बागपत के ईदगाह निवासी अंकित राजपूत ने तहसील दिवस में जिला पूर्ति कार्यालय के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने विभाग पर भ्रष्टाचार, उत्पीड़न और अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। राजपूत का आरोप है कि लगभग छह साल पहले कुछ कर्मचारियों ने उन्हें संविदा नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ी रकम ली थी। जब उन्होंने नियुक्ति पत्र मांगा, तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया और विरोध करने पर लगातार धमकाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस मामले की शिकायत उन्होंने कई उच्च अधिकारियों से की थी। विभिन्न स्तरों पर जांच भी हुई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। शिकायत में अभय प्रताप और अनूप तिवारी सहित कुछ कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित का कहना है कि ये कर्मचारी उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं और झूठी शिकायतें कर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे उनके परिवार का जीवन प्रभावित हो रहा है। इसके अतिरिक्त, जिला पूर्ति कार्यालय में फर्जीवाड़े और अन्य अनियमितताओं के भी आरोप हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, राशन दुकानों के आवंटन में गड़बड़ी, फर्जी हस्ताक्षर और आवश्यक दस्तावेजों को दबाकर रखने जैसे मामले सामने आए हैं। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी भी उन्हें उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। राजपूत ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ कर्मचारी कोटेदारों से अवैध वसूली करते हैं और कार्रवाई के डर से उन पर दबाव बनाते हैं। इस पूरे मामले ने जिला पूर्ति कार्यालय की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अंकित राजपूत ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, अपनी सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News

