मथुरा वृंदावन की पहचान पेड़ा में जमकर मिलावट की जा रही है। बांके बिहारी मंदिर के आसपास जमकर मिलावटी पेड़ा की बिक्री की जा रही है। यहां बिकने वाले पेड़ा को श्रद्धालु भगवान को प्रसाद लगाने के लिए भी ले जाते हैं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद आखिरकार खाद्य विभाग की नींद टूटी। जिसके बाद कार्यवाही करते हुए 6 कुंतल से ज्यादा दूषित पेड़ा फिंकवाया। वृंदावन में चलाया अभियान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मिलावटी और दूषित पेड़ा के खिलाफ अभियान चलाते हुए दुकानों पर छापेमार कार्यवाही की। खाद्य सुरक्षा अधिकारी रीना शर्मा ने बांके बिहारी मंदिर के आसपास स्थित दुकानों से पेड़ा के 3 नमूने जांच के लिए एकत्रित किए। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र,रामनरेश और मोहर सिंह ने विद्यापीठ चौराहा स्थित दुकानों पर पेड़ा के सैंपल लिए। लैब में होगी जांच टीम ने 6 पेड़ा के और 1 मिल्क केक का नमूना लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इन सभी सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद विधिक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया इस वर्ष 3 महीने में अब तक कुल 12 सैंपल पेड़ा के कलेक्ट किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कार्यवाही के दौरान टीम को 664 किलो दूषित पेड़ा मिला। जिसे तत्काल नष्ट करा दिया गया। मथुरा में शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ मिले इसके लिए यह अभियान चलता रहेगा। 200 रुपए किलो से 500 रूपये किलो तक बिक रहा पेड़ा वृंदावन में लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या को देखते हुए कुछ दुकानदार अपने लाभ के लिए मिलावटी और दूषित पेड़ा बेच रहे हैं। बांके बिहारी मंदिर के आसपास 200 रुपए किलो से लेकर 500 रूपये प्रति किलो तक पेड़ा बिक रहा है। यहां 500 रुपए किलो पेड़ा बेचने वाले दुकानदारों का कहना है कि जब मावा 250 रुपए किलो है तो फिर पेड़ा कुछ लोग कैसे 200,250 या 300 रुपए किलो बेच रहे हैं। नाम न बताते हुए दुकानदारों ने बताया कि कम कीमत पर पेड़ा बेचने वाले दुकानदार धौलपुर,ग्वालियर और अन्य जगह से दूषित और खतरनाक पदार्थों से बने सस्ते मावा को मंगवाते हैं। यह पूरा नेटवर्क फैला हुआ है।

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