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बांका में 15 फरवरी तक संपत्ति विवरण ऑनलाइन जमा करें:नहीं देने पर रुकेगा सैलरी, विभाग की ओर से होगी कार्रवाई

बांका में सभी क, ख और ग वर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी चल-अचल संपत्ति तथा आय के स्रोतों का विवरण 15 फरवरी तक ऑनलाइन जमा करना अनिवार्य है। सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर विवरण जमा न करने पर फरवरी माह का वेतन रोक दिया जाएगा। यह निर्देश भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी किया गया है। संपत्ति, आय के स्रोतों और दायित्वों का विस्तृत विवरण दर्ज करना होगा ट्रेजरी विभाग ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन बनाया है। अधिकारियों और कर्मचारियों को ट्रेजरी विभाग की वेबसाइट पर अपनी संपत्ति, आय के स्रोतों और दायित्वों का विस्तृत विवरण दर्ज करना होगा। प्रशासन का मानना है कि ऑनलाइन प्रणाली से डेटा सुरक्षित रहेगा और सूचनाओं की जांच व मूल्यांकन में आसानी होगी। 13 हजार अधिकारी और कर्मचारी इस निर्देश के दायरे में जिला आईटी मैनेजर प्रमोद कुमार चौधरी ने बताया कि जिले में लगभग 13 हजार अधिकारी और कर्मचारी इस निर्देश के दायरे में आते हैं। इनमें करीब 1500 पुलिसकर्मी और 8 हजार शिक्षा विभाग के कर्मी शामिल हैं। हालांकि, अब तक केवल एक हजार अधिकारियों और कर्मचारियों ने ही ऑनलाइन पंजीकरण कराया है, जो चिंता का विषय है। हर हाल में तय समय सीमा के भीतर संपत्ति का विवरण देना होगा बांका जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को हर हाल में तय समय सीमा के भीतर संपत्ति का विवरण देना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि विवरण जमा न करने वाले कर्मियों का वेतन रोका जाएगा और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। 31 मार्च तक यह जानकारी संबंधित विभागों की वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दी जाएगी सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार, 15 फरवरी तक प्राप्त चल-अचल संपत्तियों और दायित्वों का विवरण ही सरकार के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। इसके बाद 31 मार्च तक यह जानकारी संबंधित विभागों की वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दी जाएगी। इससे आम नागरिक सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की संपत्ति का विवरण देख सकेंगे और यह जांच सकेंगे कि क्या यह उनकी घोषित आय के अनुरूप है। प्रशासन का कहना है कि यह पहल केवल औपचारिकता नहीं,बल्कि आय और संपत्ति के बीच सामंजस्य की जांच की दिशा में एक अहम कदम है। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी फरवरी तक भी संपत्ति का ब्योरा जमा करने से चूकता है।


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