“शादी के बाद बहू पूर्वी मेरे बेटे राजीव को प्रताड़ित करती थी, सिर फोड़ देती थी, नाक और कान काट लेती थी। पहले भी बहू ने प्राइवेट पार्ट दबाकर हत्या की कोशिश की, लेकिन बेटे ने अपनी जान बचा ली थी। बहू के चलते ही मेरा बेटा घर से अलग किराए के मकान में रह रहा था। बहू अपने मायके वालों के लिए राजीव से बार-बार पैसे मांगती थी। राजीव के पास जमा कस्टमर्स के पैसे भी वो जबरन छीन लेती थी।” बेगूसराय के सिंघौल थाना क्षेत्र के इटवा मोहल्ले में 30 साल के राजीव कुमार की गुरुवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के पिता रामाशीष सिंह ने 30 साल की बहू पूर्वी पर हत्या का आरोप लगाया है। पिता का कहना है, “राजीव के पास पैसे की इतनी तंगी हो गई थी कि करीब छह महीने पहले उसने अपने हिस्से की जमीन भी 4 लाख रुपए में बेच दी थी।” आरोपों के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी को हिरासत में लिया है। पूछताछ में पूर्वी ने बताया, “राजीव रात को शराब पीकर आया था। हम दोनों में झगड़ा हुआ, जिसके बाद मैं बेटे को लेकर दूसरे कमरे में चली गई। राजीव बरामदे में आ गया। 15-20 मिनट तक अंदर नहीं आया तो देखा कि वो बेहोश पड़ा है।” राजीव क्या करता था, उसकी शादी कब हुई, पत्नी से विवाद का क्या मामला है, मृतक के पिता ने क्या-क्या आरोप लगाए, आरोपी पत्नी के भाई ने क्या बताया? पढ़िए, पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले मृतक राजीव कुमार के बारे में जानिए राजीव अपनी पत्नी पूर्वी और 5 साल के बेटे के साथ माता-पिता से अलग किराए के मकान में रहता था। बाहर से सब कुछ सामान्य दिखता था, लेकिन भीतर क्या चल रहा था, इसका अंदाजा किसी को नहीं था। राजीव के साथ काम करने वाले सहयोगियों ने बताया, “वह अपने काम को पूरी मेहनत से करता था। ड्यूटी खत्म होते ही सीधे घर लौट जाता था। यही उसका रोज का रूटीन था। हम लोग रोज साथ रहते थे। कभी-कभी वह थोड़ा तनाव में लगता जरूर था, लेकिन उसने कभी अपने मन की बात खुलकर जाहिर नहीं की। गुरुवार की शाम करीब 6 बजे तक हम लोग साथ थे। इसके बाद क्या हुआ, कैसे हुआ, कुछ समझ नहीं आया। आज अचानक खबर मिली कि उसकी मौत हो गई है।” शुक्रवार को राजीव का शव उसके पैतृक गांव, तेघड़ा थाना क्षेत्र के अंबा गांव ले जाया गया। जहां शाम को गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव में मातम का माहौल है और परिजन सदमे में हैं। अब जानिए, राजीव के पिता ने बहू को क्यों बताया आरोपी? मृतक राजीव के पिता, अंबा गांव निवासी रामाशीष सिंह ने अपनी बहू पूर्वी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शादी के बाद से ही पूर्वी उनके बेटे को मानसिक रूप से प्रताड़ित करती थी। रामाशीष सिंह ने बताया, “राजीव मेरा बड़ा बेटा था। छोटा बेटा मेरे साथ ही रहता है। बेटी की शादी हो चुकी है और वह अपने ससुराल में है। राजीव ही परिवार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहा था।” उन्होंने आगे बताया, “राजीव कुमार की शादी 2021 में बरौनी थाना क्षेत्र के पिपरा देवस गांव की रहने वाली पूर्वी से हुई थी। तीन बहनों में मंझली पूर्वी शादी के बाद ससुराल आई थी। शादी के करीब एक सप्ताह बाद वह मायके चली गई थी।” परिवार का आरोप है कि जब कुछ दिनों बाद वह दोबारा ससुराल लौटी, तो उसके व्यवहार में बदलाव आ चुका था। इसके बाद घर का माहौल धीरे-धीरे तनावपूर्ण होता चला गया। रामाशीष सिंह का कहना है कि बेटे की मौत के पीछे पारिवारिक तनाव एक बड़ी वजह हो सकती है और इसी आधार पर उन्होंने बहू के खिलाफ आरोप लगाया है। मैं सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता हूं, अक्सर घर से बाहर रहता हूं राजीव के पिता रामाशीष सिंह ने बताया, “पूर्वी बात-बात पर अपने पति, सास और देवर से झगड़ा करती थी। मैं एक सिक्योरिटी कंपनी में गार्ड की नौकरी करता हूं, इसलिए अक्सर घर से बाहर रहता हूं। हालांकि, घर में होने वाले विवादों की जानकारी मुझे मिलती रहती थी। चूंकि मामला पारिवारिक था, इसलिए मैंने कभी इसे ज्यादा आगे नहीं बढ़ाया।” उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्वी ससुराल में रहने को तैयार नहीं थी। वह चाहती थी कि राजीव उसे लेकर शहर में अलग रहे। रामाशीष सिंह के अनुसार, “राजीव सुबह ड्यूटी पर निकल जाता था और देर शाम घर लौटता था, लेकिन घर आते ही पति-पत्नी के बीच झगड़ा शुरू हो जाता था।” वहीं, पूर्वी का कहना था कि ससुराल पक्ष उसे प्रताड़ित करता है। उसके मुताबिक, सास और देवर मिलकर उसे परेशान करते थे और मारने-पीटने की कोशिश करते थे। मृतक के पिता का कहना है कि दिनभर की ड्यूटी से थका-हारा राजीव घर आकर पत्नी को समझाने की कोशिश करता था, लेकिन बात सुलझने के बजाय और बिगड़ जाती थी। झगड़े के बाद पूर्वी डायल 112 को कॉल कर देती थी रामाशीष राय ने बताया, “कभी-कभी झगड़ा इतना बढ़ जाता था कि पूर्वी पुलिस को ही फोन कर देती थी। पुलिस पहुंचती थी, लेकिन पति-पत्नी के बीच का पारिवारिक मामला रहने के कारण वापस चली जाती थी। करीब 2 साल पहले पूर्वी ने अपने पति पर दबाव बनाया कि आप ड्यूटी करने बेगूसराय जाते हैं और वहां से रोज वापस आते हैं। यहां ससुराल वाले हमको प्रताड़ित करते हैं, चलिए शहर में ही रहते हैं। राजीव को एकमात्र लड़का हुआ था, वो चाहता था कि अधिक से अधिक समय अपने बेटे के साथ गुजारे और पत्नी भी शांत रहे, घर में खुशहाली रहे। इसलिए वह बेगूसराय आ गया और यहां किराए का मकान लेकर रहने लगा।” 2025 में पत्नी के दबाव पर राजीव ने मकान बदला परिवार के मुताबिक, करीब एक साल साथ रहने के बाद पूर्वी ने दोबारा मकान बदलने की बात उठाई। इसके बाद वर्ष 2025 में राजीव ने इटवा मिडिल स्कूल के पास अजय कुंवर का मकान किराए पर लिया। दो कमरों और एक छोटे से बरामदे वाले इसी घर में पति-पत्नी और उनका बेटा रहने लगे। राजीव का रोजमर्रा का जीवन लगभग तयशुदा था। वह सुबह कभी 9 बजे तो कभी 10 बजे घर से निकलता था। जिस इलाके में उसे टारगेट के तहत काम करना होता था, वहां दिनभर व्यस्त रहता था। आमतौर पर शाम 6 से 7 बजे के बीच घर लौट आता था, हालांकि कभी-कभी देर भी हो जाती थी। गुरुवार की रात आखिर क्या हुआ, इसको लेकर अब तक स्थिति साफ नहीं हो सकी है। इस बारे में जब पूर्वी से बात करने की कोशिश की गई तो उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और बात टाल दी। वहीं, पूर्वी के भाई ने अलग दावा किया है। उनका कहना है कि राजीव अक्सर शराब पीकर घर आता था, जिसके कारण पति-पत्नी के बीच विवाद होता था। बहू बार-बार पैसे को लेकर राजीव को परेशान करती थी मृतक के पिता के मुताबिक, बहू पैसा के लिए बार-बार राजीव को परेशान करती थी। वो जो भी कमाता था, ले लेती थी। कस्टमर का भी पैसा पास में रहता था, वह लेकर अपने मायके वालों को दे देती थी। रामाशीष सिंह और राजीव के छोटे भाई सौरभ कुमार का कहना है कि पुलिस अपने तरीके से जांच कर रही है। निष्पक्ष जांच हो और न्याय मिले, तभी राजीव की आत्मा को शांति मिलेगी। सौरभ कुमार ने बताया गुरुवार की देर रात करीब एक बजे भाई के मित्र ने फोन पर बताया कि राजीव कुमार की मौत हो गई है, उसकी लाश सदर अस्पताल में है। घटना की सूचना के बाद मुजफ्फरपुर में सिक्योरिटी गार्ड का काम करने वाले रामाशीष सदर अस्पताल पहुंचे।
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