चित्रकूट में दहेज हत्या के एक मामले में त्वरित न्यायालय ने मृतका के सास-ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उनके मृत्युकालीन बयान को महत्वपूर्ण माना। दोनों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि यह मामला पहाड़ी थाना क्षेत्र के चौरा गांव निवासी मुन्नीलाल द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट से संबंधित है। मुन्नीलाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उन्होंने अपनी बेटी प्रेमा की शादी भरकोर्रा गांव निवासी विजय से की थी। शादी के लगभग पांच-छह साल बाद प्रेमा के ससुर रामप्रताप, सास लक्षमिनिया, पति विजय और ननद ने दहेज में मोटरसाइकिल और 50,000 रुपये की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। दहेज न मिलने पर 8 नवंबर 2019 को सुबह छह बजे प्रेमा को मिट्टी का तेल डालकर जला दिया गया। कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा प्रेमा गंभीर रूप से झुलस गई, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल से प्रयागराज रेफर कर दिया गया। प्रयागराज में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतका प्रेमा ने अपने मृत्युकालीन बयान में बताया था कि ससुर रामप्रताप की मौजूदगी में सास लक्षमिनिया और ननद ने उसे मिट्टी का तेल डालकर जलाया था। पुलिस ने शिकायत दर्ज करने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद, सोमवार को त्वरित न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव ने इस मामले में फैसला सुनाया। उन्होंने मृतका के ससुर रामप्रताप और सास लक्षमिनिया को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

Leave a Reply