बहराइच जिले की 59 ग्राम पंचायतों को ‘टीबी मुक्त’ घोषित किया गया है। प्रधानमंत्री ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान के तहत यह उपलब्धि हासिल की गई है। इनमें से 13 ग्राम पंचायतें दूसरी बार टीबी मुक्त घोषित हुई हैं। इन पंचायतों के ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया गया। दूसरी बार टीबी मुक्त हुई पंचायतों के प्रधानों को गांधी की रजत प्रतिमा मिली, जबकि पहली बार टीबी मुक्त घोषित पंचायतों के प्रधानों को कांस्य प्रतिमा प्रदान की गई। यह सम्मान समारोह मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। इसमें मुख्य अतिथि विधानपरिषद सदस्य प्रज्ञा त्रिपाठी और मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चंद्र ने ग्राम प्रधानों और स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित किया। नवाबगंज ब्लॉक की भगतपुर गुलरिया ग्राम पंचायत की महिला प्रधान पूजा पाण्डेय भी पहली बार टीबी मुक्त घोषित पंचायतों में शामिल थीं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि यदि कोई ग्राम पंचायत तीसरी बार टीबी मुक्त घोषित होती है, तो संबंधित ग्राम प्रधान को स्वर्ण प्रतिमा से सम्मानित किया जाएगा। समारोह में रेडक्रॉस सोसायटी, व्यापार मंडल और न्यू भारत हॉस्पिटल ने 20 टीबी उपचाररत बच्चों को गोद लिया और उन्हें पोषण किट प्रदान की। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एम.एल. वर्मा ने जानकारी दी कि जिले में 100 दिवसीय विशेष टीबी रोगी खोजो अभियान चल रहा है। इसके तहत अब तक 7 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिसमें 10,038 टीबी मरीज चिन्हित हुए हैं। निक्षय मित्रों द्वारा 9,138 मरीजों को पोषण सहयोग भी दिया जा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चंद्र ने इस उपलब्धि का श्रेय ग्राम पंचायतों, स्वास्थ्य विभाग, आशा कार्यकर्ताओं और निक्षय मित्रों के संयुक्त प्रयासों को दिया। विधानपरिषद सदस्य प्रज्ञा त्रिपाठी ने कहा कि जनभागीदारी से ही टीबी उन्मूलन का लक्ष्य तेजी से प्राप्त किया जा सकता है। इस अवसर पर उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा, डीएचईआईओ बृजेश सिंह, एसटीएस, एसटीएलएस और सभी ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।

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