बलिया के रेवती कस्बा वार्ड नंबर 3 में श्रीराम पांडेय की हत्या के मामले में पीड़ित परिवार ने समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं के साथ थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने पुलिस से उन दो आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की, जिन्हें पहले हिरासत में लेने के बाद थाने से छोड़ दिया गया था। सपा नेता अंगद मिश्र ने थानाध्यक्ष अनुपम जायसवाल से मुलाकात कर आरोप लगाया कि श्रीराम पांडेय हत्याकांड में पुलिस ने तीन नामजद लोगों को हिरासत में लिया था। हालांकि, घटना के तीसरे दिन केवल एक आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जबकि अन्य दो को अज्ञात दबाव में छोड़ दिया गया। मिश्र ने कहा कि हत्या के आरोपियों को आमतौर पर जेल भेजा जाता है, न कि रिहा किया जाता है। योगी सरकार में न्याय प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता है और पुलिस दो दिन के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती है, तो वे थाने पर बैठकर धरना प्रदर्शन करेंगे। मृतक श्रीराम पांडेय की बेटी ममता ने भी बताया कि उनके पिता की हत्या तीन लोगों ने की थी। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में दो को छोड़ दिया गया। ममता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी परिवार के सदस्य उन्हें लगातार धमकियां दे रहे हैं, जिसमें कहा जा रहा है कि “अभी एक को मारा, एक को और मारेंगे।” उन्होंने शेष आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और न्याय की मांग की। सीओ बैरिया फहीम कुरैशी ने बताया कि जिस आरोपी के खिलाफ साक्ष्य मिले थे, उसे न्यायालय में पेश कर दिया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले में साक्ष्य संकलन के साथ आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। इस दौरान श्रीराम पांडेय के इकलौते पुत्र अर्जुन पांडेय, भतीजा योगेश पांडेय, सपा नेता अमित पांडेय पप्पू, पंकज यादव सहित अन्य स्वजन व परिजन मौजूद रहे।

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