बलिया में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। परिवहन अधिकारी अरुण कुमार राय ने बताया कि जिले में संचालित 157 स्कूली वाहनों की फिटनेस, वैधता और अन्य आवश्यक प्रपत्र समाप्त हो चुके हैं। इन वाहनों से बच्चों का परिवहन असुरक्षित माना गया है। विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे ऐसे असुरक्षित वाहनों से अपने बच्चों को स्कूल न भेजें। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी वाहन से बच्चों को स्कूल भेजने से पहले उसकी भौतिक और तकनीकी स्थिति की जांच अवश्य करें। इसमें वाहन के फर्श की स्थिति और खिड़कियों पर जाली या रॉड की उचित व्यवस्था जैसी सुरक्षा संबंधी बातों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। परिवहन अधिकारी ने यह भी सुझाव दिया कि अभिभावक ‘एम-परिवहन’ (mParivahan) ऐप के माध्यम से वाहन के दस्तावेजों की वैधता की जांच करने के बाद ही बच्चों को स्कूल भेजें। इसके अतिरिक्त, अभिभावकों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि वाहन चालक नाबालिग न हो, नशे की हालत में वाहन न चला रहा हो, तेज गति से ड्राइविंग न कर रहा हो और उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस हो। परिवहन विभाग ने सूची में शामिल सभी स्कूली वाहनों के स्वामियों, प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्हें कहा गया है कि जब तक वाहनों की फिटनेस, तकनीकी स्थिति और सभी दस्तावेज पूरी तरह सही नहीं हो जाते, तब तक उनसे बच्चों का परिवहन न किया जाए। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी प्रतिबंधित वाहन से बच्चों का परिवहन किया जाता है और कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की होगी। संबंधित के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा और विद्यालय की मान्यता रद्द करने की संस्तुति भी की जाएगी।

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