बलिया नगर पालिका परिषद की सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में गंगा बहुउद्देशीय सभागार में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर की खराब सफाई व्यवस्था पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और सफाई कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि नगर में स्थायी कर्मचारियों के साथ-साथ लगभग 258 आउटसोर्सिंग कर्मचारी तैनात होने के बावजूद सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि साफ-सफाई में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित कर्मचारियों का वेतन रोक दिया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि अब सभी स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों की उपस्थिति प्रतिदिन बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से दर्ज की जाएगी। रजिस्टर प्रणाली को अमान्य कर दिया गया है। जिले के 25 वार्डों में एक-एक बायोमेट्रिक मशीन लगाई जाएगी, जहां कर्मचारियों को दोनों पालियों में अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। इन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। डीएम ने कूड़ा उठान व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ड्राइवरों को निर्देश दिए कि वे समय पर कूड़ा निर्धारित स्थान पर पहुंचाएं और वाहनों को सही स्थिति में रखें। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के प्रबंधक को भी सख्त हिदायत दी गई कि यदि कर्मचारी फील्ड में नहीं पाए गए तो उनका वेतन रोका जाएगा और कार्रवाई की जाएगी। सभी सफाई कर्मचारियों के लिए कार्य क्षेत्र निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी क्षेत्र में सफाई नहीं पाई जाती है तो संबंधित कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जिलाधिकारी ने वार्ड संख्या 06 में तैनात 13 कर्मचारियों की स्थिति पर भी विस्तार से जानकारी ली और सभी वार्डों के सुपरवाइजर्स से रिपोर्ट मांगी। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद की सफाई व्यवस्था अन्य नगर पालिकाओं से बेहतर होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान स्थिति असंतोषजनक है। उन्होंने 15 दिनों के भीतर पुनः समीक्षा बैठक करने की बात कही। साथ ही, कर्मचारियों से उनकी समस्याएं लिखित रूप में देने को कहा गया ताकि उनका समाधान किया जा सके। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) को निर्देश दिए गए कि वे पिछले तीन महीनों में खर्च हुए डीजल, वाहनों की संख्या और अन्य व्यवस्थाओं का पूरा विवरण प्रस्तुत करें तथा कमियों को लिखित रूप में उपलब्ध कराएं। डीएम ने कहा कि शहर में बेहतर साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार की शिकायत की गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन और अधिशासी अधिकारी सुभाष कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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