बलिया में एक महत्वपूर्ण न्यायिक फैसले में, एक व्यक्ति को अपनी पत्नी की दहेज के लिए हत्या करने के आरोप में दोषी ठहराया गया है। अदालत ने अभियुक्त को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह निर्णय पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत प्रभावी पैरवी का परिणाम है। अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम, बलिया के न्यायालय ने धीरज अग्रवाल पुत्र शिवजी अग्रवाल, निवासी बजाजी मुहल्ला, कस्बा रसड़ा, थाना रसड़ा, जनपद बलिया को दोषी पाया। यह मामला थाना रसड़ा में मु0अ0सं0-122/2022 के तहत धारा 498ए, 323, 504, 304बी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 के अंतर्गत पंजीकृत किया गया था। अभियुक्त धीरज अग्रवाल पर दहेज में 5 लाख रुपये की मांग करने का आरोप था। दहेज की यह राशि न मिलने पर, उसने 13 अप्रैल 2022 को अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी। इस घटना के संबंध में प्राप्त तहरीर के आधार पर स्थानीय थाने में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। बलिया पुलिस के मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के कारण यह फैसला आया। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि यदि अभियुक्त अर्थदंड अदा नहीं करता है, तो उसे 3 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले में अभियोजन अधिकारी विनोद कुमार भरद्वाज रहे।

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