बलरामपुर जिले में एक सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया, जिसमें 258 जोड़ों ने एक साथ वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। यह आयोजन सरकारी योजनाओं की सफलता को दर्शाता है, जो जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। इस कार्यक्रम ने उन सैकड़ों परिवारों के लिए विवाह का सपना साकार किया, जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी बेटियों की शादी नहीं कर पा रहे थे। यह योजना ऐसे परिवारों को आर्थिक सहायता और सम्मानजनक विवाह का अवसर प्रदान करती है।
सदर विकास खंड क्षेत्र की एक लाभार्थी महिला ने बताया कि सीमित संसाधनों के कारण बेटी की शादी की चिंता रहती थी। इस योजना ने न केवल आर्थिक बोझ कम किया, बल्कि सम्मानजनक तरीके से विवाह का अवसर भी प्रदान किया। मुख्य अतिथि विधायक पल्टूराम ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी बेटी शादी के अभाव में कठिनाई का सामना न करे। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रत्येक जोड़े पर लगभग एक लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। इस राशि का एक बड़ा हिस्सा सीधे वधू के बैंक खाते में भेजा जाता है, जबकि शेष राशि उपहारों और विवाह समारोह के आयोजन पर खर्च की जाती है। समारोह एक बड़े होटल में आयोजित किया गया, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न कराए गए। हिंदू जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लिए, वहीं मुस्लिम जोड़ों का निकाह भी विधि-विधान से संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्त, नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद और उपहार भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

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