प्रदेश सरकार ने बलरामपुर जिले में लंबे समय से प्रतीक्षित रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर गोंडा-बलरामपुर रेलखंड के समपार संख्या-136 पर दो लेन का रेल उपरिगामी सेतु बनाया जाएगा। इस परियोजना पर कुल 292.21 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसका पूरा वहन राज्य सरकार करेगी। यह प्रस्ताव पहले वित्त समिति द्वारा अनुमोदित किया गया था, जिसके बाद मंत्रिपरिषद ने इसे अंतिम स्वीकृति प्रदान की। इस निर्णय से स्थानीय निवासियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है।रेलवे क्रॉसिंग के कारण बलरामपुर शहर में अक्सर भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है। गोंडा-गोरखपुर रेलखंड शहर को दो हिस्सों में बांटता है, जिससे एक ओर बाजार और अस्पताल हैं, तो दूसरी ओर जिलाधिकारी कार्यालय, विकास भवन, न्यायालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित हैं। दिनभर में लगभग 8 यात्री और मालगाड़ियां इस रेलखंड से गुजरती हैं, जिसके चलते फाटक 10 से 12 बार बंद होता है। क्रॉसिंग बंद होने पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और जाम वीर विनय चौराहा तथा पीपल तिराहा तक फैल जाता है। यह मार्ग गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, तुलसीपुर और देवीपाटन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ता है।
इस ओवरब्रिज के निर्माण से लगभग सवा लाख लोगों को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, मरीजों, छात्रों और व्यापारिक गतिविधियों में भी आवागमन सुगम हो जाएगा। जिलाधिकारी ने दिसंबर 2025 में इस परियोजना के संबंध में शासन को एक प्रस्ताव भेजा था, जिसमें सदर विधायक पल्टूराम के सुझाव का उल्लेख किया गया था। शासन ने भी अपने आदेश में इस प्रस्ताव का हवाला दिया है। निर्माण कार्य की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और अप्रैल से काम शुरू होने की संभावना है। निर्माण अवधि के दौरान यातायात को सुचारु रखने के लिए पीपल तिराहा से संतोषी माता मंदिर तक जाने वाले मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है।

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