बरेली में हजरत अलहाज अश्शाह शाहजी रफीकुल औलिया (र.अ.) का 16वां सालाना तीन दिवसीय उर्स 2 अप्रैल से शुरू होगा। यह आयोजन खानकाहे शाहजी रफीकुल औलिया में होगा। उर्स धार्मिक आस्था के साथ-साथ अदब, इल्म और सूफी परंपरा का संगम बनेगा। उर्स की शुरुआत गुरुवार, 2 अप्रैल को नमाज-ए-फज्र के बाद कुरानख्वानी से होगी। पहले दिन असर की नमाज के बाद हजरत सूफी मुनीर मियां मोहम्मदी कादरी (र.अ.) का कुल शरीफ अदा किया जाएगा। इसी दिन रात में इशा की नमाज के बाद ‘शाहजी रफीकुल औलिया कॉन्फ्रेंस’ का आयोजन होगा। इसमें देशभर से आए उलमा दीन और समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। उर्स के दूसरे दिन, 3 अप्रैल (शुक्रवार) को सुबह विसाली कुल अदा किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के पहुंचने की उम्मीद है। इसी रात में एक नातिया मुशायरा आयोजित होगा, जिसमें प्रसिद्ध शायर अपनी नात प्रस्तुत करेंगे। इस मुशायरे का तरही मिसरा ‘तेरी हम पर इनायत है रफीकुल औलिया बेशक’ रखा गया है। उर्स का समापन 4 अप्रैल को होगा। जोहर की नमाज के बाद आखिरी महफिल होगी, जिसके बाद शाम 4:15 बजे कुल शरीफ अदा किया जाएगा। इसके साथ ही तीन दिवसीय आयोजन संपन्न हो जाएगा। समापन समारोह में देश के जाने-माने उलमा मौजूद रहेंगे, जो अमन, भाईचारे और तरक्की के लिए दुआएं करेंगे। उर्स के दौरान लंगर-ए-आम का विशेष प्रबंध किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। इस आयोजन की सरपरस्ती सज्जादानशीन मोहिब मियां रफीकी कादरी मोहम्मदी कर रहे हैं। नायब सज्जादा फय्यूख अहमद भी व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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