अगर आप खेती के लिए खाद खरीद रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। बरेली में कृषि विभाग ने एक बड़ी नकली खाद फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में करीब 3 ट्रक माल बरामद हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है जिनसे पूछताछ की जा रही है। बारादरी थाना क्षेत्र के हरुनगला इलाके में यह फैक्ट्री लंबे समय से अवैध रूप से संचालित की जा रही थी। गोपनीय सूचना पर टीम ने दी दबिश कृषि विभाग के अधिकारियों को गोपनीय सूचना मिली थी कि हरुनगला में गुपचुप तरीके से नकली खाद बनाई जा रही है। सूचना पुख्ता होने पर विभाग ने पुलिस के साथ संयुक्त छापेमारी की। छापे के दौरान वहां कई मजदूर काम करते मिले। गोदाम के अंदर बड़े-बड़े प्लास्टिक के कट्टों में खाद के ढेर लगे हुए थे। जांच करने पर करीब 3 ट्रक तैयार खाद और भारी मात्रा में कच्चा माल बरामद हुआ। लाइसेंस न मिलने पर सीलिंग की कार्रवाई फैक्ट्री में माइक्रो न्यूट्रिएंट, एमओपी (MOP) और फेरस सल्फेट का भारी स्टॉक जमा किया गया था। जब टीम ने गोदाम मालिक से संचालन का लाइसेंस मांगा, तो वह कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। इसके बाद विभाग ने वहां मौजूद खाद और रसायनों के सैंपल लिए और फैक्ट्री को तुरंत सील कर दिया। इस मामले में बारादरी थाने में सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। खाद संकट का फायदा उठा रहे माफिया दरअसल, बरेली सहित पूरे प्रदेश में अक्सर खाद का संकट बना रहता है, जो मीडिया की सुर्खियों में भी रहता है। इसी कमी का फायदा उठाकर माफिया नकली खाद का कारोबार कर किसानों को ठग रहे हैं। नियमानुसार, खाद बनाने के लिए सरकार से विशेष लाइसेंस और विशेषज्ञ इंजीनियरों की जरूरत होती है, ताकि रसायनों का मिश्रण सटीक रहे। रसायनों की मात्रा में थोड़ी सी भी चूक जमीन को बंजर कर सकती है और फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है। यह नकली खाद इंसानी सेहत के लिए भी बेहद खतरनाक है। विधिक कार्रवाई और सैंपलिंग जारी जिला कृषि अधिकारी रितुषा तिवारी ने बताया कि सटीक सूचना के आधार पर हरुनगला स्थित अवैध गोदाम पर छापेमारी की गई है। यहाँ बड़ी मात्रा में माइक्रो न्यूट्रिएंट और अन्य रसायनों का अवैध भंडारण मिला है। मौके से सभी जरूरी सैंपल लेकर लैब भेज दिए गए हैं। गोदाम को सील कर दिया गया है और आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।

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