बरेली में अवैध खनन के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। माफियाओं के दुस्साहस का जवाब देते हुए डीएम अविनाश सिंह ने स्पष्ट किया है कि सरकारी टीम पर हमला करने या चेकिंग में बाधा डालने वालों पर अब राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्यवाही की जाएगी। गुरुवार रात में खनन माफियाओं ने न केवल चेकिंग टीम को कुचलने का प्रयास किया, बल्कि जिला खनन अधिकारी की कार पर पथराव भी किया। इस घटना के बाद प्रशासन का रुख बेहद सख्त हो गया है। डीएम बोले- राजस्व में 404% की ऐतिहासिक वृद्धि, माफिया की टूटेगी कमर डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन, पुलिस और खनन विभाग की संयुक्त मुहिम का ही नतीजा है कि जनपद के खनन राजस्व में 404% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा, “हम लोग अवैध खनन करने वालों की कमर तोड़ने का काम कर रहे हैं। उत्तराखंड बॉर्डर और बरेली के सभी टोल प्लाजा व चौकियों पर 24 घंटे अधिकारियों की तैनाती की गई है। आरटीओ और पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर आईएसटीपी (ISTP) का उल्लंघन करने वालों पर जबरदस्त शिकंजा कसा गया है। इसी सख्ती की वजह से एक माह के भीतर 45 मुकदमे दर्ज कर दर्जनों वाहन सीज किए गए हैं।” बभिया मार्ग पर टीम पर जानलेवा हमला खनन माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि ड्यूटी कर रहे अधिकारियों पर जानलेवा हमला करने से भी वे पीछे नहीं हट रहे। खनन अधिकारी मनीष कुमार सिंह जब बुखारा मोड़ से बभिया मार्ग पर चेकिंग कर रहे थे, तब 15-20 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों ने भागने का प्रयास किया। इस दौरान माफिया कृपाल सिंह और उसके साथियों ने टीम का रास्ता रोककर गाली-गलौज की और सरकारी वाहन पर पथराव किया। माफियाओं ने टीम को गाड़ी से कुचलने की भी कोशिश की, जिसमें राजस्व टीम के एक सदस्य को चोटें आई हैं। एसडीएम को देख भागे माफिया, 5 किमी पीछा कर पकड़े वाहन घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम सदर प्रमोद कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों को आता देख मुख्य आरोपी कृपाल सिंह अपने साथियों के साथ धमकी देते हुए फरार हो गया। हालांकि, टीम ने हार नहीं मानी और भाग रहे दो लोडर व एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को 5 किलोमीटर तक पीछा करके दबोच लिया। माफिया ने ग्रामीणों को भड़काकर हमला करवाने की भी साजिश रची थी, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने उसे नाकाम कर दिया। इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा, आरोपियों की तलाश जारी इस पूरी कार्रवाई में तहसीलदार सदर भानु प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार विदित कुमार व अभिषेक तिवारी और खनन अधिकारी मनीष कुमार सिंह की टीम शामिल रही। खनन अधिकारी की तहरीर पर थाना कैंट में मुख्य आरोपी कृपाल सिंह व अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की गंभीर धाराओं और खान एवं खनिज अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। डीएम ने साफ कर दिया है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

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