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बरहज विधायक बोले-टिकट मिला तो 1 लाख वोट से जीतेंगे:मोहन सेतु इस साल बनकर तैयार होगा, रोडवेज स्टैंड, मंडी समिति के लिए जमीन देख रहे

देवरिया के बरहज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक दीपक मिश्रा ‘शाका’ ने कहा कि अगर इस बार पार्टी मौका देगी तो इस बार वोटों का आंकड़ा 1 लाख के पार जाएगा। उन्होंने सड़क, पुल और नगर विकास को अपनी प्राथमिकता बताया। जमीन की कमी को बड़े प्रोजेक्ट्स में सबसे बड़ी बाधा माना। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में विधायक ने बेबाकी से खास बातचीत की। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: आपने बरहज में सबसे बड़ा काम कौन सा करवाया? जवाब: चार साल के कार्यकाल में यातायात, चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक काम हुआ है। विधायक निधि से गांव-गांव की कनेक्टिविटी बेहतर की गई है। सबसे बड़ा काम मोहन सेतु को आगे बढ़ाना रहा। पहले इसका सिर्फ शिलान्यास हुआ था, लेकिन काम अधूरा था। 2022 में वादा किया था कि भाजपा की सरकार बनने पर इसे शुरू कराया जाएगा। अब इसके लिए करीब 200 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं। पुल तैयार था, लेकिन दैवीय आपदा में एप्रोच बह गया। रुड़की से टेक्निकल स्टडी कराई गई है और 2026 तक मऊ से कनेक्टिविटी पूरी होने की उम्मीद है। भलुअनी ग्राम पंचायत को नगर पंचायत बनवाया गया, जहां करीब 200 करोड़ रुपये से सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट के काम हुए। बेलडाढ़-कठिनइयां मार्ग, जो 10-15 साल से लंबित था, उसे बनवाकर सलेमपुर-बरहज कनेक्टिविटी सुधारी गई। सोनू घाट-बरहज मार्ग, जो जिले की सबसे खराब सड़कों में था, उसके फोरलेन के लिए 300 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। टेंडर हो चुका है और जल्द काम शुरू होगा। करीब 300 गांवों में सड़क कनेक्टिविटी का काम कराया गया है, और लक्ष्य है कि सभी 369 बूथों तक यह सुविधा पहुंचे। सवाल: कौन सा अभी तक नहीं हो सका? जवाब: बरहज क्षेत्र बहुत घनी आबादी वाला है, यहां जमीन की भारी कमी है। इसी वजह से बड़े प्रोजेक्ट अटक जाते हैं। मिनी स्टेडियम के लिए 9 करोड़ रुपए स्वीकृत थे, लेकिन जमीन न मिलने के कारण काम नहीं हो सका, जबकि बांसगांव में स्टेडियम बन गया। बस स्टेशन (रोडवेज) और मंडी समिति का भी प्रस्ताव है, लेकिन इसके लिए भूमि की प्रकृति बदलनी होगी। अगर यह प्रक्रिया पूरी हो जाती है तो ये दोनों प्रोजेक्ट शुरू हो सकते हैं। सवाल: क्या आप इस बार फिर टिकट के दावेदार हैं? जवाब: यह पार्टी का निर्णय होता है। 2017 में यहां भाजपा को करीब 60 हजार वोट मिले थे, जबकि 2022 में हमने इसे बढ़ाकर 87 हजार तक पहुंचाया। मुझे अपने काम और संस्कारों पर भरोसा है। अगर पार्टी मौका देती है तो इस बार यह आंकड़ा 1 लाख के पार जाएगा। सवाल: टिकट को लेकर आपकी दावेदारी कितनी मजबूत है? जवाब: मैं खुद को एक कार्यकर्ता मानता हूं। भाजपा में लोकतंत्र जिंदा है और यहां आम कार्यकर्ता भी विधायक बन सकता है। मुझे उम्मीद है कि पार्टी मुझे ही मौका देगी। सवाल: अपने चार साल के कार्यकाल को आप 10 में से कितने नंबर देंगे? जवाब: मैं खुद को नंबर नहीं देना चाहता। मेरा काम जनता के बीच है, वही इसका आकलन करेगी। सदन चलने के दौरान ही मैं लखनऊ में रहता हूं, बाकी समय अपने क्षेत्र में ही बिताता हूं। 87 हजार मतदाताओं के भरोसे पर खरा उतरने का प्रयास कर रहा हूं और पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी है, उसका पूरी निष्ठा से निर्वहन कर रहा हूं।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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