उत्तर भारत की नाट्य संस्था ‘बफ्टा’ के तीन दिवसीय नाट्य उत्सव ‘नाट्य निर्वाण सीज़न-2’ का शुभारंभ विश्व रंगमंच दिवस पर संत गाडगे प्रेक्षागृह में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान और दीप प्रज्वलन के साथ की गई। इस अवसर पर प्रेक्षागृह में मौजूद रंगकर्मियों और दर्शकों ने एक-दूसरे को बधाई दी। उत्सव की शुरुआत विभिन्न प्रस्तुतियों से हुई। इसके बाद शाम सविता द्वारा निर्देशित और अभिनीत अंग्रेजी एकल नाटक ‘नोशन्स बिटवीन यू एंड मी’ का मंचन किया गया। इस नाटक में सामाजिक पहचान, धारणाओं और उनसे उपजे तनाव को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। लगभग एक घंटे तक चले इस एकल अभिनय को दर्शकों ने सराहा। ‘इंडिया आफ्टर भगत सिंह’ प्रस्तुत किया गया शाम 7 बजे युवा कलाकार शुभम का एकल नाटक ‘इंडिया आफ्टर भगत सिंह’ प्रस्तुत किया गया। यह नाटक शहीद भगत सिंह की आजादी की लड़ाई, उनकी विचारधारा और बलिदान को वर्तमान भारत के संदर्भ में दर्शाता है। इसमें कृत्रिम राष्ट्रभक्ति और अधूरी आजादी जैसे समकालीन मुद्दों पर भी प्रश्न उठाए गए। शुभम तिवारी के अभिनय, गीत-संगीत और प्रकाश संयोजन ने प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाया। 28 मार्च को संगीतमय दास्तान कार्यक्रम के पहले दिन बफ्टा के संस्थापक एवं नाटककार तारिक , अध्यक्ष डॉ. अफरोज , वरिष्ठ निर्देशक सलीम और अनिल सहित कई वरिष्ठ रंगकर्मी उपस्थित रहे। फेस्टिवल क्यूरेटर गुंजन जैन ने बताया कि 28 मार्च को फैज अहमद फैज पर आधारित संगीतमय दास्तान और प्रसिद्ध नाटक ‘अगरबत्ती’ का मंचन किया जाएगा।

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