बदायूं में हुए HPCL दोहरे हत्याकांड की जांच में पुलिस ने गति बढ़ा दी है। डीजीएम सुधीर गुप्ता और असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा से जुड़े अहम सबूत फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजे गए हैं। इनमें वारदात में इस्तेमाल तमंचा, मृतकों के कपड़े और सुधीर गुप्ता के शरीर से निकाली गई गोलियां शामिल हैं। घटनास्थल से एकत्र किए गए ब्लड सैंपल और फिंगरप्रिंट्स भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। पुलिस का उद्देश्य आरोपी के खिलाफ मजबूत साक्ष्य तैयार करना है, ताकि अदालत में मामला ‘वाटरटाइट’ साबित हो सके। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच को गति देने के लिए एसआईटी रिपोर्ट भी शासन स्तर पर भेजने की तैयारी चल रही है। इसके साथ ही ब्लड सैंपल और कपड़ों का मिलान कराने के लिए कुछ नमूने मुरादाबाद लैब भेजे गए हैं। एफएसएल रिपोर्ट से खुल सकते हैं नए तथ्य अब सभी की निगाहें एफएसएल रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट यह स्पष्ट कर सकती है कि वारदात के समय मौके पर कितने लोग मौजूद थे, गोली किस दूरी और कोण से चलाई गई थी, और पूरी घटना कैसे हुई। सीन रीक्रिएशन और नए सबूत पुलिस पहले ही घटनास्थल पर सीन रीक्रिएशन कर चुकी है। फॉरेंसिक रिपोर्ट इस रीकंस्ट्रक्शन की पुष्टि कर सकती है या नए खुलासे भी कर सकती है। वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को उम्मीद है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी जल्द सुलझ जाएगी।

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