बदायूं HPCL कांड: सपा ने लगाया ‘ठाकुरवाद’ का आरोप:ठाकुर होने के कारण फुल एनकाउंटर नहीं हुआ, पुलिस बोली- अपराधी की कोई जाति नहीं
![]()
बदायूं HPCL कांड: सपा ने लगाया ‘ठाकुरवाद’ का आरोप:ठाकुर होने के कारण फुल एनकाउंटर नहीं हुआ, पुलिस बोली- अपराधी की कोई जाति नहीं
बदायूं एचपीसीएल कांड को लेकर सपा और बदायूं पुलिस आमने-सामने आ गए हैं। सपा ने इस डबल मर्डर की घटना को ‘ठाकुरवाद’ से जोड़ा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है। वहीं, बदायूं पुलिस का कहना है कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती। सपा ने एक्स के माध्यम से इस मामले को उठाया है। सपा ने आरोप लगाया है कि बदायूं डबल मर्डर कांड में हत्यारे को बचाने की वजह ‘ठाकुरवाद’ है। जैसा कि स्थानीय लोग कह रहे हैं। पार्टी का दावा है कि ठाकुर होने के कारण उसका ‘फुल एनकाउंटर’ नहीं हुआ और हत्यारे को बचाने में पूरी भाजपा सरकार, भाजपा के ठाकुर विधायक लगे हुए हैं। सपा ने कहा कि इसमें एक ब्राह्मण और एक बनिया की हत्या हुई है, जबकि सभी हत्यारे ठाकुर बिरादरी से हैं। एक जाति विशेष का जातिवाद करने का आरोप पार्टी ने ‘हिंदू जातीय एकता मिशन’ के नाम पर एक जाति विशेष का जातिवाद करने का आरोप लगाया है। सपा के अनुसार, भाजपा केवल वोट पाने और सत्ता हथियाने के लिए ‘हिंदुओं एक हो जाओ’ का नारा दे रही है, जबकि ब्राह्मण, बनिया, दलित और पिछड़ा वर्ग के लोगों की हत्याएं, उत्पीड़न और शोषण किया जा रहा है। सपा ने भाजपा पर हिंदू-मुसलमान के बीच दंगे करवाने, अपराधियों और बलात्कारियों को संरक्षण देने तथा सत्ता में भ्रष्टाचार करने का भी आरोप लगाया है। हिंदुओं को एक करके वोट लेने की नौटंकी करके भाजपा एक जाति विशेष, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ एक जाति विशेष का जातिवाद कर रहे हैं। ब्राह्मण, बनिया दलित और पिछड़ा वर्ग के लोगों की यूपी में जमकर हत्याएं, उनका उत्पीड़न, उनके ऊपर अत्याचार, उनका शोषण किया जा रहा है। भाजपा सिर्फ वोट पाने, सत्ता हथियाने के लिए हिंदुओं एक हो जाओ का नारा दे रहे हैं।
हिंदू मुसलमान के बीच में दंगा फसाद भी यही भाजपा के लोग जानबूझकर करवाते हैं। अपराधियों बलात्कारियों को संरक्षण देते हैं और सत्ता में जमकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं ये भाजपाई। शर्म करें, शर्मनाक काम करते हुए।
बचाव में आई बदायूं पुलिस
बदायूं पुलिस ने लिखा है कृप्या अफवाह न फैलाएं, अपराधी की कोई जाति नहीं होती है। उक्त घटना में अभियुक्तगण अजय प्रताप सिंह, धर्मेंद्र यादव और मुनेंद्र सिंह को जेल भेजा जा चुका है। अभियुक्त लंबे समय से HPCL में कर्मचारी रहा है। जिसका इसी संबंध में प्लांट के अधिकारियों और HPCL के वेंडर से विवाद था। जिसके चलते यह घटना कारित की गई। जिसे घटना के दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था। वर्तमान में तीनों आरोपी जेल में हैं। सभी प्रमुख बिंदुओं पर जांच एवं कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। जितने भी आरोपी प्रकाश में आएंगे किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उक्त मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी और हल्का उप निरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। कृप्या इसे जातिगत रंग देने का प्रयास न करें।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
