बदायूं के सैंजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट में 12 मार्च को हुए दोहरे हत्याकांड का मामला बुधवार को लोकसभा में उठाया गया। सांसद आदित्य यादव ने प्रश्नकाल के दौरान इस घटना की सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने तत्कालीन जिलाधिकारी अवनीश राय, तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ब्रजेश सिंह और क्षेत्रीय विधायक पर सीधे तौर पर लापरवाही का आरोप लगाया। सांसद यादव ने कहा कि एचपीसीएल प्लांट परिसर के भीतर दिनदहाड़े डीजीएम सुधीर गुप्ता और डिप्टी मैनेजर हर्षित मिश्रा की हत्या केवल एक आपराधिक घटना नहीं है। यह पूरी सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता का उदाहरण है। उन्होंने सदन को बताया कि मृतक अधिकारियों ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस और प्रशासन को कई बार लिखित शिकायतें दी थीं। हालांकि, इन शिकायतों को हर बार नजरअंदाज किया गया। सांसद ने 4 फरवरी 2026 को प्लांट में हुए एक अन्य हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस घटना के बाद भी मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई और न ही पीड़ित अधिकारियों को सुरक्षा प्रदान की गई। सांसद के अनुसार, यही लापरवाही इस दोहरे हत्याकांड की पृष्ठभूमि बनी। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि तत्कालीन जिलाधिकारी अवनीश राय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ब्रजेश सिंह के स्तर पर प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण स्थिति बिगड़ी। सदन में आदित्य यादव ने यह भी कहा कि पूरे मामले में राजनीतिक संरक्षण की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय विधायक के प्रभाव के कारण पुलिस और प्रशासन समय रहते कार्रवाई करने में विफल रहे। आदित्य यादव ने स्पष्ट किया कि यदि इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराई जाती है, तो कई प्रभावशाली चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मामले में शामिल अपराधियों, लापरवाह अधिकारियों और संरक्षण देने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सांसद ने मृतक अधिकारियों के परिवारों को सुरक्षा, न्याय और भरोसा दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने पर भी जोर दिया, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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