बदायूं का जिला सहकारी बैंक अब घाटे से उबरकर लाभ में आ गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बैंक ने लगातार दूसरी बार मुनाफा दर्ज किया है, जो पिछले 14 वर्षों का रिकॉर्ड है। इस उपलब्धि को बैंक के बेहतर प्रबंधन और वित्तीय अनुशासन का परिणाम माना जा रहा है। 31 मार्च को वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद जारी बैलेंस शीट के अनुसार, बैंक को 4 करोड़ 60 लाख 78 हजार रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ है। यह पिछले 14 सालों में सबसे अधिक लाभ है। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2024-25 में बैंक ने 2.27 करोड़ रुपये का लाभ कमाया था। बैंक लगातार 12 वर्षों तक करोड़ों के घाटे में चल रहा था, जिससे इसकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर हो गई थी। बैंक के मौजूदा प्रबंधन ने रणनीतिक बदलाव किए, जिसमें वसूली प्रक्रिया में तेजी लाना, अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण और पारदर्शिता बढ़ाना शामिल है। इन कदमों का सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिख रहा है, जिससे बैंक लगातार दूसरे वर्ष लाभ में आया है। इस उपलब्धि पर बैंक स्टाफ ने जीएम हरिबाबू भारती को शॉल ओढ़ाकर और प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। जीएम भारती ने कहा कि यह पूरे स्टाफ की मेहनत का परिणाम है और उनका अगला लक्ष्य बैंक को और मजबूत बनाना तथा किसानों व ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देना है। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रबंधक प्रशांत सिंह सहित कई कर्मचारी उपस्थित थे।

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