मेरठ में पिछले एक हफ्ते से मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। शहर के अस्पतालों और क्लीनिकों में सांस से जुड़ी बीमारियों और वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरोत्तम तोमर ने बताया कि दिन और रात के तापमान में अचानक अंतर आना और, धूल के बढ़ते स्तर के कारण लोगों में खांसी, जुकाम, बुखार, गले में खराश और सांस फूलने जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि बदलते मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है, जिससे वायरस और बैक्टीरिया का संक्रमण आसानी से फैलता है।
उन्होंने बताया कि इस समय सबसे ज्यादा मरीज सांस से संबंधित बीमारी और वायरल फीवर, ब्रोंकाइटिस, अस्थमा अटैक और एलर्जी से संबंधित समस्याओं के साथ आ रहे हैं। कई मामलों में मरीजों को सांस लेने में दिक्कत और सीने में जकड़न की शिकायत भी हो रही है। डॉ. तोमर ने विशेष रूप से अस्थमा और एलर्जी के मरीजों को सावधान रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और लापरवाही न बरतें। संक्रमण के प्रमुख कारण:
– दिन-रात के तापमान में बड़ा अंतर
– धूल और प्रदूषण का बढ़ना
– ठंडी-गरम चीजों का एक साथ सेवन
– भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बिना सावधानी के जाना
– कमजोर इम्युनिटी क्या बरतें सावधानी
– सुबह-शाम हल्की ठंड से बचाव के लिए कपड़े पहनें
– बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करें
– ठंडी चीजों से परहेज करें और गुनगुना पानी पिएं
– पौष्टिक आहार लें और पर्याप्त नींद लें
भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें
– सांस के मरीज नियमित दवाएं लेते रहें और डॉक्टर की सलाह से ही इलाज करें

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